Weather Update Kanpur : उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से गिरा पारा, तेज हवा ने लोगों की छुड़ाई कंपकपी
Weather Update Kanpur कानपुर में शुक्रवार की रात सबसे ठंडी रात रही है।
Weather Update Kanpur उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से पारा एक बार फिर गया गया है। तेज हवा ने लोगों की कंपकपी छुड़ा दी है। शुक्रवार की रात सबसे ठंडी रात रही है। न्यूनतम तापमान आठ से नीचे पहुंचा है।
कानपुर, अमृत विचार। Weather Update Kanpur शुक्रवार को पारा और लुढ़का तो लोगों को दोपहर की धूप भी हल्की लगने लगी। गलन बढ़ने से दिन में भी कंपकपी छूट पड़ी तो हवा के सामने सिकुड़ने पर मजबूर होना पड़ा। घरों में भी ठंडी हवा से बचने के लिए खिड़की दरवाजों को बंद करना पड़ा।
गुरुवार के मुकाबले सुबह तो तापमान बढ़ा, लेकिन शाम होते ही आठ से भी नीचे पारा लुढ़क गया। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी धूप लेने दफ्तरों से बाहर निकल आए। ज्यादा तर विभागों में इसी तरह का माहौल रहा तो वहीं पार्कों में भी लोगों की मौजूदगी दोपहर तक रही। बच्चे भी धूप में खेले।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकत तापमान 24.4 रहा, जो कि गुरुवार के मुकाबले कुछ अधिक था। वहीं 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान न्यूनतम रहा। जो इस सर्दी का अब तक का सबसे कम तापमान रहा। वहीं पारा लुढ़कने के साथ ही 3.6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने भी खूब तंग किया।
मौसम विभाग के डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार पारा धीरे-धीरे लुढ़कता रहेगा और जल्द ही अधिकतम तापमान 20 से भी कम और न्यूनतम तापमान पांच के करीब पहुंचेगा। यह स्थिति काफी ठंडी कर देने वाली होगी। इसलिए जरूरी है कि धीरे-धीरे लुढ़कते इस तापमान को गंभीरता से लें और ऊनी कपड़ों से नाता न तोड़ें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
दिसंबर में कब कितना रहा तापमान
तारीख न्यूनतम अधिकतम
15 08.0 22.6
14 11.8 25.0
13 13.8 27.2
12 11.8 27.2
11 09.0 26.0
10 10.2 25.6
09 08.2 25.0
08 11.2 24.0
07 11.0 25.0
06 09.4 24.4
05 08.4 24.4
04 09.7 25.0
03 09.8 25.8
02 10.0 25.0
01 09.6 26.6
अपना ख्याल रखें दिल के मरीज
चिकित्सकों के अनुसार सर्दी के मौसम में खून की नसें सिकुड़ने की वजह से दबाव बढ़ जाता है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगता है। बीपी बढ़ते ही हार्ट अटैक के मामले सामने आने लगते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दी में लोगों के शरीर में खून के थक्के बनने लगते हैं, जिसकी वजह से हार्ट अटैक आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि जरा भी कोई समस्या आती है तो फौरन चिकित्सक से परामर्श लें।
