माघ मेले की तैयारियां: नगर विकास मंत्री ने वर्चुअल बैठक, "अतिथि देवो भव:" का संदेश पूरे दुनिया में देने की तैयारी
अमृत विचार लखनऊ। मंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि अगले हफ्ते से माघ मेला के लिए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का "प्रयागराज संगम" में आना शुरू हो जायेगा। लोगों को वहां किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संपूर्ण तैयारी अभी से अच्छे से पूर्ण कर ली जाए। लोगों को परेशानियों से बचाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाये। पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था हो, वाटर एटीएम भी लगाए जाये।
ट्रिपल सी के माध्यम से होगी ट्रैफिक कंट्रोलिंग
भीड़ और ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए आई ट्रिपल-सी की व्यवस्था अच्छी से संचालित हो जिससे सूचनाओं के आदान-प्रदान पर बेहतर कार्य हो सके। उन्होंने पूरा मेला क्षेत्र को कई सेक्टर, जोन व सर्कल में बांटने तथा सभी में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने को भी कहा। माघ मेला कि हमारी व्यवस्था ऐसी हो कि हमारी संस्कृति "अतिथि देवो भव:" का संदेश पूरी दुनिया में जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर मैनेजमेंट और आपसी संवाद के साथ साधु-संतों व अखाड़ों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया को भी शीघ्र कर लिया जाये। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा शनिवारक निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार में प्रेस कान्फ्रेंस कर रहे थे।
स्वच्छ भारत मिशन को भी बढ़ावा
लखनऊ में प्रयागराज के आयुक्त एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ माघ मेला 2022-23 की व्यवस्थाओं व तैयारियों के संबंध में किए जा रहे कार्यों की वर्चुअल समीक्षा की और कराए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी देखा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप स्वच्छ माघ मेला कराकर यहां से दुनिया को स्वच्छता का एक अच्छा संदेश देने के प्रयास किये जाये। इसके लिए फूल, फल एवं पूजन सामग्री को जल में बहने से रोकने के लिए पानी में जाल लगाया जाए। प्लास्टिक का प्रयोग न हो और साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेला क्षेत्र की हरियाली व सुंदरता बढ़ाने पर भी कार्य किया जाए। कहा कि माघ मेला को ऐसा वैभव पूर्ण ढंग से आयोजित करें कि आने वाले कुंभ के लिए अच्छा संदेश दे सके।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि इस वर्ष माघ मेला में अभिनव कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए वेंडिंग जोन, वॉस लाइट, फैसिलिटेशन सेंटर, एलईडी स्क्रीन, इंवॉल्वमेंट ऑफ यूथ, होमोजीनस फसाड फॉर शॉप, प्लास्टिक बैंक, टेंट सिटी फॉर पिलग्रिम्स, 100 बेड के टॉयलेट युक्त 05 डॉरमेट्री, आईईसी बेस्ड कैम्पेन, वॉटर एक्टिविटीज फन एण्ड स्पोर्ट आदि का प्रयोग किया जायेगा।
प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने कहा कि मेला क्षेत्र में कोई भी पशु, गाय, कुत्ते, सुअर को आने से रोकने के प्रबंध हो। छोटे बच्चों के बिछुड़ने या किसी दिक्कत पर उन्हें संभालने की भी व्यवस्था हो। स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावी बनाने के लिए अच्छे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल्स की टीम लगाई जाए।
ये भी पढ़े:- लखनऊ : एकेटीयू में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उभरती तकनीक पर मंथन
