मुरादाबाद: पांच साल में हुआ विकास, जनता को और बेहतरी की आस
नगर पंचायत पाकबड़ा: पहले चुनाव में सामान्य सीट पर चेयरमैन पद पर जीती थीं भाजपा की खेमवती देवी, अधूरे सपनों को परवान चढ़ने की अभी उम्मीद
(सुनील तोमर) मुरादाबाद, अमृत विचार। ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बने पाकबड़ा में कार्यकाल के पहले पांच साल में विकास तो हुए, लेकिन कई अधूरे सपने को अभी भी परवान चढ़ने की आस नागरिकों को है। जो विकास कार्य रह गए हैं उनके इस बार पूरा होने की उम्मीद क्षेत्रवासियों को है।
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर स्थित इस नगर पंचायत में पांच साल पहले जनता ने भारतीय जनता पार्टी की खेमवती देवी को जिताया था। उनके कार्यकाल में विकास कार्य हुए मगर जनता को और पाने की उम्मीद थी। पहले चुनाव में सीट सामान्य थी। अब सामान्य महिला सीट हो गई है। हालांकि पहले चुनाव में सीट सामान्य थी लेकिन, महिला को ही जनता ने अपना सिरमौर चुना था। अब फिर आधी आबादी की यहां चेयरमैन पद पर ताजपोशी तय है।
50,000 से अधिक की आबादी वाले नगर पंचायत के 18 वार्ड में 34,480 मतदाता हैं। यह क्षेत्र 3 मार्च 2017 को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बना था। यहां पर 29 नवंबर को वोटिंग हुई थी। एक दिसंबर परिणाम आने पर 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण के बाद खेमवती देवी ने चेयरमैन के रूप में कार्य करना शुरू किया था। इसके दायरे में एक पांच सितारा होटल, एक निजी विश्वविद्यालय, एक सोसाइटी और पेट्रोल पंप आदि है।
सुविधाओं के बीच यहां के लोगों को रोडवेज बस स्टेशन की टीस है। रोडवेज बस अड्डा बनने पर क्षेत्रीय जनता के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। इसलिए रोडवेज बस अड्डे का बेसब्री से इंतजार है। यहां से कांठ रोड पर जाने के लिए बाईपास है। संभल- चंदौसी जाने के लिए डींगरपुर रोड है। बरेली जाने के लिए यहां से बाईपास है।
नया मुरादाबाद से है सटा
नया मुरादाबाद का सेक्टर-5 नगर पंचायत के चारों ओर से घिरा है। आसपास के करीब 100 गांवों के लोग पाकबड़ा से खरीदारी करने के लिए आते हैं। सामानों के थोक विक्रेता इस क्षेत्र में हैं। औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र होने के चलते यहां के बाजार में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
ईंट कारोबार में है क्षेत्र की पहचान
नगर पंचायत क्षेत्र में 100 से अधिक ईंट भट्टे हैं। यहां की ईंट उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा,उत्तराखंड के अलावा भी और राज्यों में भी जाती है। मकान निर्माण में यहां के ईंट की गुणवत्ता विशिष्ट होने के चलते मांग अधिक है।
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