बरेली: मानक के अनुरूप मास्क ही करेगा आपकी सुरक्षा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। कोरोना जिले में तेज रफ्तार से फैल रहा है। जुलाई महीने में इस की रफ्तार से एक के बाद एक रिकार्ड बनते गए। ऐसे समय में आप सुरक्षित रहेंगे उसमें सबसे कारगर हथियार है मास्क, लेकिन मानक के अनुरूप न होने और मास्क के सही इस्तेमाल न करने पर संक्रमण का पूरा …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना जिले में तेज रफ्तार से फैल रहा है। जुलाई महीने में इस की रफ्तार से एक के बाद एक रिकार्ड बनते गए। ऐसे समय में आप सुरक्षित रहेंगे उसमें सबसे कारगर हथियार है मास्क, लेकिन मानक के अनुरूप न होने और मास्क के सही इस्तेमाल न करने पर संक्रमण का पूरा खतरा बना रहता है। मास्क के इस्तेमाल से आप किसी की श्वांस, खांसी आदि चीजों से बचे रहेंगे जहां से संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। सही मास्क की पहचान कर कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है।

कोरोना महामारी फैलने के बाद मास्क और सैनेटराइज का प्रयोग अधिकांश लोगों द्वारा किया जा रहा है। मगर, रोजाना प्रयोग किए जाने वाले मास्क की गुणवत्ता किस हद तक ठीक है या कहना थोड़ा मुश्किल है। खांसने, छीकने के साथ बात करने के दौरान मास्क कोरोना वायरस युक्त बूंदों को सोख लेता है। इससे दूसरे व्यक्ति तक कोरोना संक्रमण पहुंचने की संभावना बहुत कम हो जाती है। मगर, इसके लिए सही मास्क होना बहुत जरूरी है। बाजार में बिकने वाला हर मास्क सही हैं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में मास्क की गुणवत्ता को पहचानना बहुत जरूरी है। चिकित्सकों के मुताबिक सही मास्क की पहचान करें और कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहें।

लगतार प्रयोग से बचाव कम, खतरा ज्यादा
एक बार प्रयोग वाले मास्क लगातार लगाने से लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव कम संक्रमित होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। चिकित्सकों के मुताबिक लोकल मास्क लगाने से अच्छा है कि लोग किसी तरह के संक्रमण से बचने के लिए चेहरे पर गमछा बांधें। सूती कपड़ों से बने मास्क को छोड़कर अधिकतर मास्क सिंगल यूज वाले ही होते हैं।

घर में सिले सूती कपड़े के मास्क उपयुक्त
कोरोना संक्रमण की शुरुआत में मास्क की किल्लत का विकल्प बने घर में सूती कपड़े से सिले बने मास्क लोगों की की पहली पसंद हैं। कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा के लिए यह मास्क धोकर बार-बार प्रयोग कर सकते हैं। यह मास्क मेडिकल सर्जिकल मास्क जैसी सुरक्षा देते हैं।

एसीएमओ डॉ. अशोक ने बताया कि ट्रिपल लेयर मेडिकल सर्जिकल मास्क सबसे सुरक्षित हैं। वहीं एन-95 मास्क आम लोगों के लिए नहीं बल्कि चिकित्सकीय और ऐसे लोगों के लिए जरुरी है, जो अस्पताल या असुरक्षित वाली जगहों पर अधिक देर तक रहते हैं। अगर आप मास्क नहीं लगा सकते हैं, तो वह ट्रिपल लेयर करके रुमाल या गमछे का इस्तेमाल करके कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं। इसके लिए सिर्फ ध्यान रखना होगा कि इन दोनों में कौन सा हिस्सा बाहर था, और कौन सा भीतर। एक बार उतारने के बाद बाद गमछा और रुमाल धोना सुरक्षित रहेगा।

विशेषज्ञ ने बताया कि कोई भी मास्क एक बार से ज्यादा प्रयोग के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। एन-95 मास्क धुलने से उसके लेयर डैमेज और महीन छिद्र हो जाते है, इसलिए उनका उपयोग सुरक्षित नहीं है। अगर आप एन-95 मास्क को रोजाना धोकर यूज करते हैं, वह फायदे के बजाय नुकसान कर सकता है।

संबंधित समाचार