बरेली: बकरों के बाजार पर कोरोना लगाए रहा ग्रहण
बरेली, अमृत विचार। हर साल के मुकाबले इस बार कुर्बानी वाले बकरों के कारोबार पर मंदी छाई रही। बाजार नहीं लगने की वजह से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं शारीरिक दूरी कायम रखने के प्रतिबंध के चलते बकरा मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ लोगों ने मुस्लिम क्षेत्रों में घूमकर बकरे बेचे लेकिन कोरोना …
बरेली, अमृत विचार। हर साल के मुकाबले इस बार कुर्बानी वाले बकरों के कारोबार पर मंदी छाई रही। बाजार नहीं लगने की वजह से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं शारीरिक दूरी कायम रखने के प्रतिबंध के चलते बकरा मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ लोगों ने मुस्लिम क्षेत्रों में घूमकर बकरे बेचे लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते कम ही बकरे खरीदे गए। कोरोना के चलते इस बार बकरों का बाजार भी प्रतिबंध रहा।
पहले बकरीद पर सप्ताह भर पहले से ही कुतुबखाना, बड़ा बाजार, शहदाना, किला, देवचरा आदि इलाकों में बकरों का बाजार सजा रहता था। यहां से लोग कुर्बानी के लिए बकरा खरीदकर ले जाते थे। इस बार बकरा बाजार नहीं सजे। कुछ व्यापारियों ने बकरे मंगा लिए लेकिन मुस्लिम क्षेत्रों में घर-घर जाने पर भी बकरों को नहीं बेच सके।
इस बार नहीं दिखे 50 हजार वाले बकरे
इस साल बकरीद पर बकरों की कीमत भी कम रही। 12-13 किलो वजन का स्वस्थ बकरा 13 से 15 हजार के बीच बेचा गया। जबकि पिछले साल इस वजन के बकरे की कीमत 20 से 22 हजार रुपये थी। 50 हजार और एक लाख रुपये कीमत वाले बकरे इस बार गायब रहे।
