बरेली: आबादी क्षेत्रों से हटेंगी मछली आढ़तें, तैयारी तेज
किला के संदल खां में लगती है बाजार, आढ़तें नरियावल शिफ्ट करने को तीन दिन की मोहलत
बरेली, अमृत विचार। किला में घनी आबादी में चल रही मछली की आढ़तों को हटाने की कवायद एक बार फिर तेज हुई है। मोहल्ले के तारिक शहजाद ने बीते दिनों स्थानीय लोगों के साथ डीडी डायरेक्टर मंडी अविनाश चंद्र मौर्य से मिलकर शीघ्र ही आढ़तियों को नरियावल में आवंटित दुकानों में शिफ्ट नहीं होने पर आंदोलन की बात कही।
इसके बाद मंडी प्रशासन ने तीन दिन की मोहलत देकर आढ़तियों को दुकानें नरियावल में शिफ्ट करने की हिदायत दी है। अन्यथा लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। किला थाना क्षेत्र के बाजार संदल खां में कई वर्षों से अवैध रूप से मछली बाजार लगा रहा है। सुबह से शाम तक बदबू की वजह से लोगों का जीना दुश्वार होता है।
तारिक शहजाद बताते हैं कि मछली की इन आढ़तों को नरियावल मंडी में स्थानांतरण करने की कवायद कई वर्षों से चल रही है। स्थानीय लोगों की समस्या को लेकर अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों से फरियाद की। सरकारें बदलती रहीं लेकिन बाजार को लेकर अफसरों की सख्ती हवा हवाई साबित रही।
2015 में इस मामले को जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की। जिसके बाद न्यायालय ने 2016 में मंडी आबादी से शिफ्ट करने का निर्णय जिलाधिकारी की ओर से लेने की बात कही। इसके बाद दूसरी याचिका फिर साल 2017 में की गई। जिसमें कहा गया कि प्रशासन चाहे तो एक नीति के तहत मंडी हटा सकता है। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जून 2022 में लाइसेंस नरियावल मंडी के लिए शिफ्ट कर दिए, लेकिन आढ़ती डटे रहे।
इसको लेकर 8 दिसंबर को स्थानीय लोग मंडी पहुंचे और डिप्टी डायरेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा। इसके बाद उन्होंने बल पूर्वक आढ़तियों को हटाने के मंडी सचिव अनिल कुमार को निर्देश दिए। सोमवार सुबह करीब 6 बजे मंडी सचिव फोर्स के साथ पहुंचे और आढ़तें बंद कर नरियावल शिफ्ट करने की बात कही।
इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगर आढ़तें निर्धारित समय में शिफ्ट नहीं की तो लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। वर्तमान में 30 आढ़तियों के पास लाइेंसस और कारोबार 40 से अधिक व्यापारी कर रहे हैं।
नरियावल मंडी का लिया जायजा: आढ़तियों को तीन दिन का अल्टीमेट दिया गया है। इसके मुताबिक बुधवार यानी आज शाम तक आढ़तियों को नरियावल मंडी में दुकानें शिफ्ट करनी हैं। यहां व्यवस्थाएं देखने के लिए एक दिन मंडी सचिव नरियावल स्थित मंडी पहुंचे और आढ़तियों को आवंटित दुकानों का जायजा लिया।
मछली बाजार का कहर ऐसा कि बहुएं मायके रह रहीं: स्थानीय लोग बताते हैं कि क्षेत्र में हाल ही में कई शादियां हुईं। लेकिन शादी के बाद नई नवेली दुल्हनों को बदबू की वजह से माहौल रास नहीं आया। वह ससुराल छोड़कर मायके में रह रही हैं।
मछली की इन अवैध आढ़तों को नरियावल मंडी में स्थानांतरित किया जाएगा। यदि आढ़ती अपना कारोबार मंडी नहीं ले जाते तो उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। -अनिल कुमार, मंडी सचिव
