हरदोई: कॉल करने पर नहीं आयी एम्बुलेंस, ठेलिया पर मरीज लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा तीमारदार     

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Edited By Amrit Vichar
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के गृह जनपद का है ये हाल 

हरदोई, अमृत विचार। डिप्टी सीएम सूबे में स्वास्थ्य महकमें के मुखिया हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य मंत्री होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक यही के है, इसके बावजूद यहां की स्वास्थ्य सेवाएं खुद ही बीमार है। स्वास्थ्य महकमें की एम्बुलेंस-108 सेवा सबसे ज़रूर सेवाओं में गिनी जाती है। लेकिन सेवा का क्या भरोसा जो ज़रूरत पड़ने पर ज़रूरतमंद से आंखें फेर ले। ऐसा एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज़ एम्बुलेंस-108 से नहीं बल्कि ठेलिया से मेडिकल कालेज पहुंचाया गया है।

मामला कोतवाली देहात के बढ़ैय्यन पुरवा का है। वहां की रहने वाली किरन की अचानक तबियत बिगड़ गई। घर वालों ने तुरंत मदद के लिए एम्बुलेंस-108 के टोल-फ्री नंबर पर कॉल की, लेकिन करीब आधे घंटे तक जब एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो किरन के घर वाले उसे ठेलिया पर लाद कर इलाज के लिए मेडिकल कालेज ले कर पहुंचे। मेडिकल कालेज में मरीज़ को इस तरह लाते देख लोग कहने लगे कि यही है स्वास्थ्य महकमें की हकीकत ! जहां का सूबे का डिप्टी सीएम और महकमें का मुखिया का सीधा ताल्लुक है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बे-हाल हो,जिसकी उम्मीद भी नहीं की जा सकती। सबसे खास बात तो यह है कि इतना सब होने के बाद भी यहां के ज़िम्मेदार अपनी ज़िम्मेदारी से साफ बच कर निकल जाते हैं। जैसे उनकी कोई जवाबदेही ही नहीं।

क्या किसी की नहीं पड़ी नज़र ?
मेडिकल कालेज में सारे दिन ज़िम्मेदारों की भाग-दौड़ आम है। लेकिन जब बीमार किरन को उसके घर वाले ठेलिया से वहां ले कर पहुंचे और इधर से उधर के कई चक्कर भी लगाए, लेकिन किसी की इस सच्चाई पर नज़र नहीं पड़ी,या पड़ी भी होगी तो वही ज़िम्मेदार नज़रें बचाते हुए निकल भी गए होंगे।

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