संभल: मुख्यमंत्री से लगाई गुहार तो दो दिन में रामजलेबी को मिला इंसाफ

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अमृत विचार विशेष- 1. जमीन मिलने के साथ ही कार्रवाई न करने वाले दो दरोगा हुए निलंबित 2. पड़ोसियों ने कर लिया था जमीन पर कब्जा, डेढ़ साल से भटक रही थी पीड़िता 3. गोरखपुर में लगे जनता दरबार में रामजलेबी ने योगी आदित्यनाथ को सुनाई थी व्यथा

(भीष्म सिंह देवल) संभल, अमृत विचार। डेढ़ साल से इंसाफ के लिए भटक रही विधवा रामजलेबी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी व्यथा सुनाई तो परिणाम चौकाने वाला आया। मुख्यमंत्री ने ऐसा  एक्शन लिया कि दो दिन में ही न सिर्फ रामजलेबी को उसकी जमीन पर कब्जा मिल गया बल्कि उसके मुकदमे में कार्रवाई न करने वाले दो दरोगाओं पर भी निलम्बन की गाज गिर गई। इतना ही नहीं उसे सरकारी योजना के तहत मकान देने की कवायद भी शुरु हो गई है।

संभल जनपद के गुन्नौर तहसील अंतर्गत एहरोला नवाजी गांव की रहने वाली रामजलेबी के पति की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद पड़ोसियों ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। दबंग पड़ोसियों के कब्जे से जमीन वापस दिलाने के लिए रामजलेबी ने लेखपाल, तहसीलदार से लेकर आला अधिकारियों तक गुहार लगाई लेकिन कार्यालय के चक्कर काटने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अलबत्ता उसे यह कहकर टरका दिया कि उसके हिस्से की जमीन गंगा के बांध में चली गई है। आरोप है कि डेढ़ साल पहले जमीन कब्जाने वाले लोगों ने ही रामजलेबी के साथ छेड़छाड़ व मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। 

पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई तो यहां भी निराशा हाथ लगी। चौकी में तैनात दरोगा व अन्य पुलिस कर्मियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं कुछ दिन बाद आरोपी की तहरीर पर रामजलेबी के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। सब जगह गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो लोगों ने जनता दरबार में जाकर मुख्यमंत्री के सामने फरियाद करने की सलाह दी। पता चला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आ रहे हैं, तो रामजलेबी गोरखपुर पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने महिला की फरियाद सुनकर ऐसा सख्त एक्शन लिया कि रामजलेबी के वापस घर पहुंचने से पहले ही कार्रवाई शुरु हो गई।  राजस्व विभाग ने जमीन पर उसे कब्जा दिला दिया। इतना ही नहीं मुकदमे में कार्रवाई न करने वाले दो दरोगा भी निलंबित कर दिए गए।

कार्रवाई के आदेश देने के बाद मुख्यमंत्री पूछा, क्या एक्शन हुआ?
संभल। गोरखपुर जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुन रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रामजलेबी ने अपनी अर्जी थमा दी। रामजलेबी की आंखों में आंसू देख मुख्यमंत्री योगी रुक गये और पूछा,बताओ क्या हुआ। इसके बाद रामजलेबी ने अपनी बात बतानी शुरू की। पूरी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिये। इतना ही नहीं दो दिन बाद उन्होंने अफसरों से पूछा-बताओ क्या कार्रवाई हुई।

दो दरोगा हुए निलम्बित
संभल। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर देख पुलिस अधिकारियों ने उन दरोगाओं का पता लगाया जिनकी शिकायत रामजलेबी ने मुख्यमंत्री से की थी। पता चला कि उस समय जुनावई पुलिस चौकी पर तैनात रहे दरोगा राजेश पांडेय और बिजेंद्र सिंह इन दिनों मुरादाबाद जनपद में तैनात हैं। जिस पर संभल एसपी चक्रेश मिश्रा ने एसएसपी मुरादाबाद को दोनों के निलम्बन की रिपोर्ट भेजी।  एसपी चक्रेश मिश्रा ने प्रकरण में दोनों दरोगाओं के निलंबन की पुष्टि की है।

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