बरेली: शुरू होने से पहले ही धड़ाम हुई डोर टू डोर कूड़ा योजना

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बरेली,अमृत विचार। स्मार्ट सिटी की राह पर निकल पड़े शहर को स्वच्छ बनाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना एक बार फिर से सभी वार्डों में शुरू नहीं हो पाई है। जबकि अफसरों ने एक अगस्त से सभी वार्डों में कूड़ा उठाने का निर्देश फर्म को दिए थे। शहर के 80 में 40 …

बरेली,अमृत विचार। स्मार्ट सिटी की राह पर निकल पड़े शहर को स्वच्छ बनाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना एक बार फिर से सभी वार्डों में शुरू नहीं हो पाई है। जबकि अफसरों ने एक अगस्त से सभी वार्डों में कूड़ा उठाने का निर्देश फर्म को दिए थे।

शहर के 80 में 40 वार्डों में योजना लागू ही नहीं हुई है। निगम के पार्षदों ने कार्यकारिणी की बैठक में इस योजना पर सवाल खड़ा किया तो अफसरों ने वादा किया है कि एक जून से शहर के सभी वार्डों में यह योजन शुरू कर दी जाएगी। लेकिन शुरू नहीं तो एक अगस्त से दांवा किया हर वार्डों में कूड़ा कलेक्श शुरू कर दिया जाएगा। फिर एक बार शनिवार को इस योजना का 40 वार्डों के लोगों नहीं मिल सका है। इसके चलते आधे वार्डों में डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना दम तोड़ रही है।

स्मार्ट सिटी में डोर टु डोर कूड़ा उठाने की गति काफी धीमी चल रही है। इन कंपनियों की पहुंच ऐसी है कि इनके खिलाफ अफसर भी कार्रवाई करने से कन्नी काटते हैं। स्मार्ट सिटी में डोर टु डोर कूड़ा उठाने का दिसम्बर माह में निविदा हुई थी। कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी आयुषी हाइजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, पाथेय गुड़गांव और आनंद नारायण कांट्रेक्टर को दिया गया है। इसमें से आयुषी के जिम्मे 40 और बाकी को 20-20 वार्डों में जाना है।

इन कंपनियों ने उन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन करने के लिए कर्मचारियों को लगाया है। जहां पर आर्थिक रूप से संपन्न लोगों का निवास है। बड़ी- बड़ी- बड़ी मकानों वाले इलाकों में कूड़ा कलेक्शन से इनको फायदा है कि एक ही वार्ड से मोटी रकम की वसूली हो जा रही है। जबकि दूर दराज के वार्डों में आय कम होने का कंपनियों को भय है।

मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर की कवायद तेज
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) की स्थापना की कवायद तेज कर दी गई हे। सूखा-गीला कूड़े को अलग-अलग करने के लिए नगर निगम ने खाका तैयार कर लिया हैं। इसके लिए हर तीन वार्ड पर एक एमआरएफ की स्थापना की जाएगी। स्मार्ट सिटी के 80 वार्डों से निकलने वाला सूखा और गीला कूड़ा एक जगह एकत्र किया जाएगा। इसके लिए 26 स्थानों को चयनित किया जाएगा, जहां पर सेंटर बनेगा। ताकि कूड़े का पृथ्थकरण किया जा सकेगा। इन जगहों से कूड़ा निस्तारण प्लांट को भेजा जाएगा।

हालांकि अभी सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। कूड़ा अलग-अलग होने पर कम्पोस्ट के रूप में प्रयोग किया जाएगा। शहर से हर रोज निकलने वाले करीब 450 मीट्रिक टन कूड़ा का निस्तारण नहीं होने के कारण स्मार्ट सिटी की रैंकिग पिछड़ रही है। इसके प्रति जागरूक करेंगी कि गीला और सूखा कूड़े को पहले से ही अलग रखा जाए। इससे काफी हद तक स्वच्छता की दिशा में मदद मिलेगी।

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