बरेली: काढ़े का अधिक सेवन से भी खराब हो सकता है स्वास्थ्य
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग बिना चिकित्सक की सहायता लिए काढ़े का सेवन कर रहे हैं। ऐसा करने से लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ सकता है। इसलिए चिकित्सकों की राय है कि काढ़ा और विटामिन सी का प्रयोग अत्यधिक और बगैर डॉक्टरों की सलाह के न …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग बिना चिकित्सक की सहायता लिए काढ़े का सेवन कर रहे हैं। ऐसा करने से लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ सकता है। इसलिए चिकित्सकों की राय है कि काढ़ा और विटामिन सी का प्रयोग अत्यधिक और बगैर डॉक्टरों की सलाह के न करें।
लोग इन दिनों काढ़े का सेवन अधिक कर रहे है। लोग इंटरनेट पर देखकर खूब मसाले डालकर काढ़ा तैयार कर रहे हैं। हर चीज का एक मानक होता है, ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सक की बगैर सलाह लिए मसालों का अधिक सेवन करने से नाक से खून आन, मुंह में छाले, पेट में जलन या दर्द, पेशाब में जलन, अपच, और पेचिस की समस्या हो सकती है।
क्षेत्रीय यूनानी एवं आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि कोई भी आयुर्वेदिक औषधि मौसम में प्रकृति, उम्र और स्थिति को देखकर ही दी जाती है। आयुर्वेद के चिकित्सकों के मुताबिक इन दिनों जो लोग काली मिर्च, सोंठ, दालचीनी, पीपली, गिलोय, हल्दी, अश्वगंधा मिलाकर काढ़ा पी रहे है। ऐसे में अगर वह तासीर के हिसाब से काढ़े का सेवन किया तो वह हानिकारक हो सकता है।
आजकल गर्मियों का मौसम है। इसलिए गर्म तासीर के मसालों का काढ़ा सुबह शाम पीने से आहार नली में छाले तक हो सकते है। वहीं, काढ़ा तो कफ तो ठीक करता है। लेकिन जिन लोगों को पित्त की शिकायत है, उन्हें काढ़े का सेवन करते समय सावधानी बरतने की अधिक आवश्यकता है। इसी तरह लौंग, लहसुन, दालचीनी और औषधियों के बेहिसाब सेवन से अल्सर, पेट दर्द जैसी शिकायतें हो सकती है।
विटामिन सी का अधिक सेवन भी है खतरनाक
वयस्क पुरुष के लिए 90 मिलीग्राम और महिला के 700 मिलीग्राम विटामिन सी प्रतिदिन काफी होता है। विटामिन सी की अधिकता वजह से पेट में मरोड़ और उल्टी हो सकती है।
लक्षण दिखने पर बंद करें काढ़े का सेवन
काढ़ा पीने के बाद अगर नाक से खून आना, मुंह से छाले, पेट में जलन या दर्द, पेशाब में जलन, अपच और पेचिस की दिखने पर काढ़े का सेवन बंद कर दें। चिकित्सक से सलाह लें।
एक दो दिन काढ़े के सेवन से नहीं बढ़ती इम्युनिटी
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग इंटरनेट पर देखकर ही काढ़ा बना रहे हैं। काढ़ा बनने के बाद वह इसका सेवन भी करते है। एक दो दिन काढ़ा पीने से इम्युनिटी नहीं बढ़ती है। उसके लिए लाइफ स्टाइल भी सुधारने की जरूरत होती है। 40 मिनट व्यायाम करना होगा, पर वो आसान नहीं, इसलिए बेहिसाब काढ़ा पी रहे हैं। हमें एक बात पर और गौर देना होगा कि हर किसी के लिए एक ही फार्मूला सहीं नहीं होता है। चिकित्सक हर व्यक्ति के हिसाब से माइक्रोन्यूट्रिएंट और उसकी मात्रा तय करते हैं।
आयुर्वेद अंदाजा नहीं है, सही मात्रा और दवाओं का मिश्रण चिकित्सक ने जिस औषधि को जिस चीज के साथ लेने कहा गया है, उसी के साथ तय मात्रा में लेनी चाहिए। सही मात्रा और सटीक मिश्रण पर काम करता है। किसी चीज की अधिकता से परेशानी हो सकती है।
– डा. सुमन रानी, क्षेत्रीय यूनानी एवं आयुर्वेद अधिकारी
