कला एवं शिल्प महाविद्यालय में हुआ पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान, छात्र- छात्राओं  ने साझा की भूली बिसरी यादें

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत  विचार लखनऊ। लखनऊ के कला एवं शिल्प महाविद्यालय के 111वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय कला समागम-2022 के अंतिम दिन आज महाविद्यालय में 11 पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। आज कार्यक्रम के तीसरे दिन पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी भूली बिसरी यादों को साझा किया और अपने अनुभवों को वर्तमान विद्यार्थियों के साथ बांटा। पूर्व छात्रों ने कहा कि वह अपनी पुरानी यादों में खो गए हैं और इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए उन्होंने महाविद्यालय और एल्युमिनी एसोसिएशन का आभार जताया।

आज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मीर जफर अली थे। जबकि कार्यक्रम में अजय मिश्रा और अतुल रस्तोगी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे। आज समापन समारोह में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आज डांस प्रतियोगिता और सिंगिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आज समारोह के अंतिम दिन विद्यार्थियों की तरफ से कार्यक्रम के संचालन के लिए राज्य ललित कला अकादमी और एल्युमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम कश्यप, उपाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी विभाष पांडे, शशिभाल सिंह, गोविंद वर्मा, शेफाली कपूर, आकाश पांडे, श्रुति कौशिक, रविकांत पांडे, किरन, सुशील गुप्ता, मुकेश पांडे, शुचिता सिंह का सम्मान किया गया।
 
वहीं आज कार्यक्रम में महाविद्यालय के 11 पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इसमें मुख्य अतिथि द्वारा गौरी शंकर (1951), प्रो श्याम शर्मा (पदमश्री) (1966), कृष्ण गोपाल सिंह (1962), जय किशन अग्रवाल (1966), पृथ्वीपाल सिंह (1966), अखिलेश निगम (1966), राजेश सिन्हा (1976), दिनेश नाग 1970, एम के कदम (1975), मो. शकील अहमद (1974), अजय मिश्रा (1979), चंद्रकांत पालीवाल (1979), उमेश कुमार सक्सेना (1979), मनोहर लाल भूगरा का सम्मान किया गया। 

एल्युमिनी एसोसिएशन उपाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी विभाष पांडे ने बताया कि आज महाविद्यालय में कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम भी आय़ोजित किए गए। जिसमें वर्तमान छात्र और छात्राओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि पिछले दिन दिनों तक महाविद्यालय के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों ने एक दूसरे के साथ अपने अनुभवों को बांटा। इस कार्यक्रम के जरिए वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों को जोड़ने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि यहां देश विदेश के आए कलाकारों और पूर्व विद्यार्थी अपनी पुरानी यादों में खो गए और उन्होंने इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए एल्युमिनी एसोसिएशन और महाविद्यालय का आभार जताया।

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