मेरठ: कोचिंग से किया था करियर शुरू, अधिशासी अधिकारी बनने के बाद लावड़ में मिली थी पहली तैनाती

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Edited By Amrit Vichar
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मेरठ,अमृत विचार। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसे में नगर पंचायत लावड़ के अधिशासी अधिकारी समेत तीन की मौत हो गई। अधिशासी अधिकारी की मौत की सूचना मिलते ही नगर पंचायत में मातम पसर गया। दिनभर कार्यालय पर ताला लटका रहा और कर्मचारी फोन पर जानकारी लेते रहे। अधिशासी अधिकारी सुधीर सिंह की लावड़ नगर पंचायत में पहली तैनाती थी। वह मूलरूप से लखनऊ के रहने वाले थे।

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कोचिंग खोलकर बच्चों को देते थे शिक्षा, पीसीएस में भी पहली बार में पाई सफलता
मूलरूप से लखनऊ के सी 60 कल्यापुर निवासी सुधीर सिंह ने पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किए। इस दौरान वह कोचिंग खोलकर बच्चों को शिक्षा देते थे। कोचिंग से उन्होंने अपने करियर की शुरूआत की। सरकारी नौकरी के‌ लिए किए गए आवेदन में उनका चयन अधिशासी अधिकारी के लिए हुआ।

ट्रेनिंग के बाद उन्हें सितंबर 2018 में लावड़ नगर पंचायत में पहली तैनाती मिली। उनकी पत्नी हापुड़ में शिक्षिका है। वह हापुड़ में रह रही थी। जबकि, अधिशासी अधिकारी सुधीर सिंहम मेरठ में आईजी कार्यालय के पास सरकारी क्वार्टर में रहते थे। उनके भाई डॉ. सुधाकर सिंह लखनऊ मे ही रहते है। वह चिकित्सक है। उनके साथ कार में मवाना खुर्द निवासी असलम व भगवानपुर चट्टावन निवासी तनुज तोमर भी मौजूद थे। सुधीर सिंह पढ़ाई में काफी तेज थे।

यहीं, कारण रहा ‌कि उन्होंने पहली बार में अधिशासी अधिकारी की नौकरी प्राप्त की। अधिशासी अधिकारी बनने के बाद लावड़ में उनकी तैनाती हुई। तैनाती के दौरान वह पीसीएस की तैयारी करते रहे। उन्होंने पीसीएस की परीक्षा दी और पहली बार में ही पीसीएस की परीक्षा पास की थी।

कई नगर पंचायत का संभाल चुके कार्यभार
लावड़ नगर पंचायत के साथ-साथ उन पर फलावदा व बहसूमा नगर पंचायत की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। वहां, दूसरे अधिशासी अधिकारी आ जाने के बाद वह लावड़ का चार्ज देखते रहे। हाल ही में उन्हें सिवालखास व हर्रा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। वहीं, लिपिक असलम को लावड़ नगर पंचायत के साथ हर्रा व खिवाई का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। तनुज तोमर सरकार के स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत ‌जिला कोर्डिनेटर का कार्य देख रहे थे।

वहीं, असलम पर सप्ताह पर पहले कमिश्नर के यहां चल रही जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हुई थी। असलम के खिलाफ विभिन्न मामलों में धांधली बाजी व लिपिक के पद पर नियम विरुद्ध नियुक्ति दिए जाने की शिकायत की गई थी। कमिश्नर के आदेश पर असलम से लिपिक का चार्ज छीन लिया गया था और दोबारा सफाई कर्मचारी के पद की जिम्मेदारी दी गई।

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