बरेली: चहेते कर्मचारियों को बिना ड्यूटी वेतन दिला रहे एसएस

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बरेली,अमृत विचार। उत्तर रेलवे का बरेली जंक्शन इन दिनों मुख्यालय तक चर्चा में बना हुआ है। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (उरमू) के लेटर पैड फाड़ने से शुरू हंगामा अब भ्रष्टाचार की परतें खोलने तक पहुंचा गया है। वहीं, उरमू कार्यकर्ताओं ने स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पॉवर केविन में पोर्टर के पद …

बरेली,अमृत विचार। उत्तर रेलवे का बरेली जंक्शन इन दिनों मुख्यालय तक चर्चा में बना हुआ है। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (उरमू) के लेटर पैड फाड़ने से शुरू हंगामा अब भ्रष्टाचार की परतें खोलने तक पहुंचा गया है। वहीं, उरमू कार्यकर्ताओं ने स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पॉवर केविन में पोर्टर के पद पर तैनात सरोज नाम की महिला कर्मचारी से फर्जी ड्यूटी कराने के और 71 दिनों के लाकडाउन में उसे मुफ्त वेतन दिलाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।

यूनियन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्टेशन अधीक्षक ने उससे बिना ड्यूटी कराए ही पूरा वेतन दिलाया है। यूनियन के पास इसके कुछ सबूत भी है जिस पर वह जांच के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

उरमू के कार्यकर्ताओं के पास लाकडाउन के दौरान पॉवर केविन, वेस्ट केबिन और मेन में लगने वाली कर्मचारियों की ड्यूटी की लिस्ट है। उन्होंने बताया कि इस ड्यूटी लिस्ट में केवल 16 कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई गई है। जबकि पॉवर केबिन में ड्यूटी करने के लिए 17 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इस ड्यूटी लिस्ट में कहीं भी सरोज नाम की महिला कर्मचारी का नाम नहीं है।

यूनियन का आरोप है कि सरोज, स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह की चहेते कर्मचारियों में से एक है। इसकी वजह से वह उसे घर बैठे ही ड्यूटी कराते है। पूरे लाकडाउन में जंक्शन समेत अन्य जगहों पर सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, जबकि सरोज पूरे लाकडाउन में एक भी दिन जंक्शन पर नहीं आई। इसके बाबजूद उसे पूरा वेतन दिलाया गया।

कागजों में लगा दी ड्यूटी
यूनियन के साथ जंक्शन के अन्य कर्मचारियों ने बताया कि जब सरोज से ड्यूटी न कराने का विरोध हुआ तो स्टेशन अधीक्षक ने कागजों में उसके नाम से स्टेशन मास्टर के कमरें में ड्यूटी लगा दी। मगर इसके बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं आती थी। सरोज की जगह सफाई कर्मचारियों से ड्यूटी कराई जाती थी। स्टेशन मास्टरों का कहना है कि जितने दिन कागजों में सरोज की ड्यूटी लगाई गई है उसकी जांच कराई जाए, तो पूरा मामला सामने आ जाएगा। इसके लिए वह उच्चाधिकारियों से जांच की मांग कर रहे है।

मामला बढ़ा तो जंक्शन की महिला कर्मचारी भी आ गई यूनियन की सपोर्ट में
जंक्शन पर एक मामला थमा भी नहीं था तब तक दूसरे ने तूल पकड़ लिया। जंक्शन पर तैनात महिला कर्मचारियों ने उरमू को पत्र लिखकर स्टेशन अधीक्षक से रात में ड्यूटी कराने की शिकायत की है। उनका कहना है कि पुरुष स्टेशन मास्टर होने के बाद भी स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह रात में महिलाओं की ड्यूटी लगाते हैं। लाकडाउन के समय में भी उन्होंने महिलाओं से रात में ड्यूटी कराई थी। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस बारे में भी उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।

“मुझे इन 16- 17 कर्मचारियों के बारे में जानकारी नहीं है। पॉवर केबिन में वहीं 12-13 कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाती है। यह 17 कर्मचारियों की बात कहां से आई मुझे नहीं पता।” -सत्यवीर सिंह, स्टेशन अधीक्षक

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