शिक्षा मित्रों ने प्रदेश भर में डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी चिठ्ठी, जानिए क्या हैं मांगे
अमृत विचार लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भूमिका निभाते हुए बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे शिक्षा मित्रों ने सोमवार को प्रदेश भर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी भेजी है। ये सभी चिठ्ठियां जिलों में डीएम और सीडीओ के माध्यम से भेजी गई है। शिक्षा मित्रों ने सोमवार को एक जुट होकर अपनी पूरी ताकत दिखाने की कोशिश करते हुए एक बड़े आंदोलन का संकेत भी दिया है।
इस बारे में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रांतीय मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को पूरे प्रदेश में स्वाभिमान रैली के माध्यम से जिलों के जिलाधिकारी को समस्यायों से जुड़ा पत्र सौंपा गया है। इन पत्रों में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांग करते हुए कहा कि विगत 22 वर्षों से हम सब शिक्षण कार्य करते चले आ रहे हैं।
शिक्षामित्र - फोटो अमृत विचार
और इस समय लगभग 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके है। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ गयी हैं। बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । किसी किसी के बच्चे बच्चियां शादी विवाह के योग्य हो गये हैं । वर्तमान समय में हमें 10 हजार प्रतिमाह मानदेय केवल 11 माह का मिलता है । जो कि इस मंहगाई के दौर मे घर खर्च के लिए भी कम पड़ रहा है । शिक्षामित्र अपने बच्चों के पढ़ाई कैसे करायें ?
अपने बच्चों के शादी विवाह कैसे करें ?
शिक्षा मित्रों की ये हैं मांगे..........
1- शिक्षामित्रों को नियमावली में संशोधन करके पुनः समायोजित/ नियमित किया जाय।
2- नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्रों को भी सम्मिलित करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित किया जाय ।
3-नियमितीकरण/ समायोजन प्रक्रिया पूर्ण होने तक-प्रदेश के शिक्षामित्रों को 12 माह 62 वर्ष तक जीवनयापन लायक वेतन दिया जाय
4- मृतक शिक्षामित्रों के परिजनों को अहेतुक सहायता राशि व उनके आश्रित को जीवकोपार्जन हेतु नियुक्ति प्रदान की जाय ।
5- प्रदेश के टेट(TET) पास शिक्षामित्रों को नियमावली में शिथिलता देते हुए सीधे सहायक अध्यापक पद पर नियमित किया जाय ।
ये भी पढ़े:- एकेटीयू: विषम सेमेस्टर परीक्षा के लिए छूटे हुए छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने का अंतिम मौका
