Kanpur News : सुस्त चाल से अफसरों तक पहुंचती फाइलें, कलेक्ट्रेट लिपिकों के साढ़े पांच सौ से ज्यादा पद खाली
Kanpur News कानपुर में कलेक्ट्रेट लिपिकों के साढ़े पांच सौ से ज्यादा पद खाली।
Kanpur News कानपुर में कलेक्ट्रेट लिपिकों के साढ़े पांच सौ से ज्यादा पद खाली। रिक्त पदों के कारण सुस्त चाल से फाइलें आगे बढ़ती। जनहित के कार्यों को गति नहीं मिल पाती।
कानपुर, अमृत विचार। Kanpur News कलेक्ट्रेट सहित प्रशासन में जनहित में होने वाले काम सुस्त चाल से चल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह लिपिकों की कुर्सियां खाली होना भी है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे कलेक्ट्रेट में साढ़े पांच सौ से ज्यादा लिपिकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
इस वजह से काम की फाइलें तेजी के साथ अधिकारियों की टेबल पर नहीं पहुंच पा रही हैं और इससे काम की चाल शुरू होने से पहले ही धीमी पड़ जाती है। जिलाधिकारी विशाखजी अय्यर ने रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर अधियाचन राजस्व परिषद को भेजा है।
एक बड़ी आबादी वाले औद्योगिक नगरी में विकास, समस्याओं और अन्य कार्यों को लेकर प्रतिदिन भीड़ रहती है। अधिकारियों से मिलने के लिए भी लोगों की होड़ लगी रहती है। इस वजह से जिले में कार्यों को लेकर काफी दबाव रहता है। स्टाफ कम होने की वजह से यह दबाव और बढ़ जाता है।
कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नवंबर महीने की रिपोर्ट के अनुसार 15 आशु लिपिक स्वीकृत हैं, लेकिन इसमें 10 पदों पर कोई लिपिक ही नहीं है। इस पद पर मात्र पांच लिपिक ही नियुक्त हैं। वहीं प्रोन्नत लिपिक में 48 पद खाली चल रहे हैं। इस पद पर 109 पद स्वीकृत हैं।
रेग्यूलर अधिष्ठान मंल 197 स्वीकृत पदों में 80 पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा नजारत समूह घ में 142 में 91 पद खाली चल रहे हैं। नजारत अधिष्ठान योग में 152 में केवल 53 ही पद भरे गए हैं, 99 पद खाली चल रहे हैं। संग्रह अधिष्ठान में 384 में 137 पद खाली चल रहे हैं। भूलेख अधिष्ठान में 387 में 101 पद रिक्त चल रहे हैं।
प्रशासन में लिपिकों की भारी भरकम फौज के पद होने के बावजूद एक बड़ी संख्या में रिक्त होने का असर कामकाज पर खूब पड़ता है। कई काम इसी वजह से सुस्ती का शिकार हो जाते हैं तो कई कार्य जरूरी होने के बावजूद टलते चले जाते हैं।
