बहराइच: तेंदुए से भिड़ गया सूरज, 13 मिनट तक हुआ संघर्ष, बची जान ...घटना से ग्रामीणों में गुस्सा
अमृत विचार, बिछिया (बहराइच)। खेत की रखवाली कर रहे बालक पर जंगल से निकलकर दबे पांव आए तेंदुए ने गुरुवार शाम को हमला कर दिया। बालक ने शोर मचाते हुए तेन्दुए से 13 मिनट तक संघर्ष किया। शोर सुनकर पड़ोस के खेतों में मौजूद लोग दौड़े तब बालक की जान बच सकी। घटना से गांव के लोग काफी आक्रोशित हैं। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत कतर्नियाघाट रेंज के सदर बीट में स्थित ग्राम पंचायत चहलवा का कैलाश नगर ढकिया गांव जंगल से सटा हुआ है।
गांव निवासी 16 वर्षीय सूरज कुमार पुत्र मंगलू गुरुवार शाम करीब 4 बजे अपने गेहूं के खेत की निगरानी मवेशियों से कर रहा था। इसी दौरान जंगल से निकलकर दबे पांव आए तेंदुए ने गेहूं के खेत की रखवाली कर रहे सूरज पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमला करते ही बालक सूरज हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए से भिड़ गया। शोर मचाते हुए सूरज ने झपट्टा मारते समय तेंदुए को दो बार धकेला।
तीसरी बार तेंदुआ बालक पर झपटने की कोशिश में था तभी पड़ोस के खेत में मौजूद गांव निवासी कल्लू और राकेश हाका लगाते हुए तेंदुए की ओर दौड़ पड़े। शोर सुनकर तथा ग्रामीणों को आता देख तेंदुआ बालक को छोड़ कर जंगल की ओर चला गया। तेंदुए के हमले में बालक के सिर, मुंह और पीठ में गहरा जख्म हुआ है।
घटना की खबर गांव में फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। लोग दौड़ पड़े, सभी घायल सूरज को लेकर गांव पहुचे। ग्रमीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुचे वन दरोगा अनंदलाल, वाचर विनोद सिंह व मनीलाल ने बालक को बाइक से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुजौली में इलाज के लिए पहुचाया। जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोतीपुर ( मिहीपुरवा ) के लिए रेफर कर दिया गया है।
घटना से ग्रामीण गुस्सा, पिंजरा लगाने की मांग
घटना से ग्रामीणों में दहशत के साथ गुस्सा का माहौल है। लोग आक्रोशित हैं। गांव के गीता प्रसाद, मूल चंद, द्वारिका, अशोक कुमार, चंद्रिका, खरगी, इतवारी, छड्डू, सीताराम , श्रीराम , चन्द्र कली , लज्जावती, सुशीला देवी, आदि ने वन कर्मियों से कहा कि पिछले वर्ष से तेंदुए की यह 13वी घटना है। तेंदुआ अब दिनदहाड़े गांव में घुसकर लोगों पर हमला कर रहा है। लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे। ग्रामीणों गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे है।
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