ख्याल रखें ! गूगल बाबा के भेष में भी बैठे हैं साइबर ठग, कई वारदातों को दे चुके हैं अंजाम

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Edited By Amrit Vichar
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कस्टमर केयर और हेल्पलाइन के सैकड़ों फर्जी नंबर इंटरनेट पर अपलोड कर रखे हैं साइबर ठगों ने, सर्च करना खतरे से खाली नही

बरेली, अमृत विचार। गूगल बाबा पर बहुत ज्यादा भरोसा करना ठीक नहीं। वजह यह है कि गूगल बाबा के भेष में शिकार की ताक में बैठे रहने वाले साइबर ठगों की इस सर्च इंजन पर भरमार हो गई है। खासतौर पर किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर गूगल पर तलाश कर फोन करना खतरे से खाली नहीं है। कदम-कदम पर यहां ठग जाल बिछाए बैठे हैं। पुलिस के पास पहुंचने वाले केसों में सर्वाधिक केस ऐसे ही लोगों के साथ ठगी के हैं।

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बैंक अकाउंट से पैसे निकालने, बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भरने, एटीएम कार्ड ब्लॉक करने या शुरू कराने, ऑनलाइन शापिंग के दौरान हुई किसी गड़बड़ी की शिकायत करने जैसे कामों के लिए इंटरनेट का काफी इस्तेमाल किया जाता है। लोग कस्टमर केयर और हेल्पलाइन नंबर की वैधता की जांच किए बिना कॉल करते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस के मुताबिक साइबर ठगों ने इंटरनेट पर कस्टमर केयर और हेल्पलाइन के सैकड़ों फर्जी नंबर अपलोड कर रखे हैं। लोग जब मदद के के लिए इन नंबरों पर कॉल करते हैं तो वे उनसे अकाउंट के बारे में जरूरी जानकारी लेकर रकम उड़ा देते हैं।

केस 1: जॉब की तलाश में गवाईं रकम
चार दिसंबर को एसएसपी कार्यालय पहुंची कर्मचारीनगर की प्रिया तिवारी ने शिकायत की कि पेंसिल की एक नामी कंपनी में जॉब देखकर उन्होंने कॉल की तो उनसे 620 रुपये गूगल पे कराए गए। फिर सिक्योरिटी के नाम पर 10,900 रुपये ले लिए। तीसरी बार में डेबिट कार्ड नंबर और फोटो मांगा गया। धोखाधड़ी का एहसास होने पर उन्होंने इन्कार कर दिया। प्रिया की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उन्हें जांच का आश्वासन देकर लौटा दिया।

केस 2: ठगी की शिकायत पर दोबारा ठगी
इज्जतनगर में रहने वाली प्रतिभा नागपाल के मुताबिक वह 23 जुलाई को ऑनलाइन शापिंग के लिए एक वेबसाइट पर विजिट कर रही थी। उन्होंने 854 रुपये का एक प्रोडक्ट खरीदने के लिए आर्डर कर पेमेंट कर दिया लेकिन यह रकम उनके खाते से दो बार कट गई। इस पर उन्होंने ऑनलाइन कस्टमर केयर से संपर्क किया तो उनके खाते से करीब दो लाख रुपये और कट गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

केस 3: कस्टमर केयर पर कॉल कर गवाएं 99 हजार
पवन बिहार निवासी दूरदर्शन कर्मचारी अशोक कुमार झा ने 18 दिसंबर 2021 को 2899 रुपये देकर ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरा मंगाया था। कैमरा पहुंचा तो तकनीकी खराबी निकलने पर उन्होंने उसे वापस कर दिया। कई दिन तक रकम वापस न आने पर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर फोन किया। दूसरी ओर से उनके मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराया गया। इसके उनसे ओटीपी पूछकर साइबर ठग ने उनके खाते से 99 हजार रुपये उड़ा दिए।

पुलिस की सलाह, आधिकारिक वेबसाइट पर भी करें भरोसा
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर केवी सिंह के मुताबिक लोगों को कस्टमर केयर के नंबर पर बात करने से पहले पुष्टि कर लेनी चाहिए कि वे जिस नंबर पर कॉल कर रहे हैं, वह सही है या नहीं। अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करनी चाहिए। अनजान नंबर से कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी बताए तो भी उससे बैंक की डिटेल साझा न करें।

इंटरनेट बैंकिंग के दौरान ओटीपी भी किसी को न बताएं। अनजान लिंक को क्लिक करने की भी गलती नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा डेबिट, क्रेडिट कार्ड की जानकारी हमेशा गोपनीय रखनी चाहिए। मोबाइल पर ऐसी कोई एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए जिस पर निजी जानकारी मांगी जा रही हो। इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापनों और ऑनलाइन पैसा कमाने जैसे झांसे में भी नहीं आना चाहिए।

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