Another Kanjhawala in Kanpur: लोडर ने रिटायर एयरफोर्स कर्मी को कई मीटर तक घसीटा, समय से इलाज नहीं मिलने पर चली गई जान
Another Kanjhawala in Kanpur कानपुर में भी दिल्ली जैसी घटना सामने आई।
Another Kanjhawala in Kanpur कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र में लोडर की टक्कर से रिटायर एयरफोर्स कर्मी कई मीटर घिसटते चल गया। समय से इलाज नहीं मिलने पर उसकी जान चली गई। परिजन सिस्टर को कोस रहे।
कानपुर, अमृत विचार। Another Kanjhawala in Kanpur कानपुर में भी दिल्ली जैसी घटना सामने आई। यहां रेलबाजार थानाक्षेत्र अंतर्गत अनियंत्रित लोडर की टक्कर से कई मीटर दूर स्कूटी सवार रिटायर एयरफोर्स कर्मी घिसटते चले गए। राहगीरों के शोर मचाने पर चालक लोडर छोड़कर फरार हो गया।
राहगीरों की सूचना पर काफी देर बाद पहुंची पीआरवी ने नाजुक हालत में घायल वृद्ध को पास की दुकान के बाहर पड़े तख्त पर लेटा दिया और जानकारी परिजनों को दी। सूचना पर परिजन कार से निजी अस्पताल उपचार के लिए ले गए, लेकिन तब तक उनकी सांसे थम चुकी थी।
परिजनों ने पुलिस पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। आरोप है कि पुलिस परिजनों के आने का इंतजार करती रही, जिससे समय से इलाज नहीं मिल पाया और उनकी जान चली गई।
जाजमऊ के डिफेंस कालोनी निवासी सुशील कुमार सिंह (78) एयरफोर्स से एयरमैन के पद से रिटायर थे। उनके छोटे भाई श्याम नगर निवासी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सालों पहले वीआरएस लेने के बाद वह खुद की ट्रांसपोर्ट नगर में चंदन मोर्टस के नाम से स्पेयर पार्टस की दुकान चलाते थे। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह 11 बजे वह अपनी स्कूटी से दुकान जा रहे थे।
अभी वह जीटीरोड स्थित रेलबाजार मोड़ के सामने पहुंचे ही थे, कि सीओडी पुल की ओर से टाटमिल चौराहे की ओर तेज रफ्तार में जा रहे अनियंत्रित लोडर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। इस दौरान चालक के गाड़ी भगाने पर लोडर के पीछे का कुंडा उनकी बेल्ट में फंस गया। जिससे चालक कई मीटर तक उन्हें घसीटता हुआ लेकर चला गया।
हादसे में उनके सिर पर लगा हेलमेट भी दूर जाकर गिर गया। जिससे उनके कान में खून का स्त्राव होने लगा। राहगीरों के शोर मचाने पर चालक बीच सड़क पर लोडर छोड़कर भाग निकला।
पीआरवी ने नाजुक हालत में लहूलुहान वृद्ध को उठाकर सड़क किनारे पड़े तख्त पर लेटा दिया। इसके बाद पास मिले मोबाइल से पत्नी मालती देवी को सूचना दी। वृद्ध के पड़ोसी इश्तियाक कार से आनन-फानन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बेटे पुष्पराज सिंह उर्फ चंदन ने बताया कि परिजनों को सूचना देने के बाद पुलिस काफी देर तक उनका इंतजार करती रही। यदि सही समय से उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। वृद्ध के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है।
