नए साल पर बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है महंगाई का झटका

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Edited By Amrit Vichar
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सभी बिजली कंपनियों को नई बिजली दरें और एआरआर दाखिल करने का निर्देश

लखनऊ। बिजली उपभोक्ताओं को नए साल पर महंगाई का झटका लग सकता है। विद्युत नियामक आयोग ने सभी कंपनियों और पावर काॅरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को नई बिजली दरों पर जल्द प्रस्ताव दाखिल करने को कहा है। बिजली कंपनियों ने नई बिजली दरें लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों से टैरिफ वितरण ट्रांसमिशन रैगुलेशन 2019 के तहत नई बिजली दरें और वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का प्रस्ताव जल्द दाखिल करने को कहा है। साथ ही पावर काॅरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को भी बिजली दरों का प्रस्ताव दाखिल करने का निर्देश दिया है। मध्यांचल, दक्षिणांचल, पूर्वांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की तरफ से वर्ष 2021-22 और 2022-23 का एपीआर बीते नवंबर में दाखिल करना था, किंतु बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों ने इसे दाखिल करने के लिए दो महीने का समय और मांगा है।

विद्युत नियामक आयोग ने सभी कंपनियों का प्रस्ताव खारिज करते हुए सभी से जल्द से जल्द एआरआर दाखिल करने को कहा है। वहीं बिजली कंपनियों को वार्षिक राजस्व आवश्यकता 2023-24 भी जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। नियामक आयोग के इस फैसले के बाद सभी बिजली कंपनियों को जल्द से जल्द प्रस्ताव दाखिल करना होगा। पावर काॅरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि नियामक आयोग की तरफ से नई बिजली दरों का प्रस्ताव और एआरआर दाखिल करने का निर्देश मिला है। इसे जल्द दाखिल किया जाएगा।

उपभोक्ता परिषद ने जताई आपत्ति

उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली दरें बढ़ाने के मुद्दे पर कहा कि पहले बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं से गलत ढंग से एस्टीमेट और डबल जीएसटी के नाम पर वसूला गया पैसा वापस करना चहिए। फिर उन पर अधिक बिजली दरों का भार डालना चाहिए।

उपभोक्ताओं ने भी किया फैसले का विरोध

शहर के गोमती नगर निवासी वीके मिश्र ने कहा कि अगर बिजली की दरें बढ़ती हैं तो निकाय चुनाव पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। पहले से ही बिजली दरें अधिक हैं। बिजली बिल का मूल्य बढ़ाने से पहले बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या पर ध्यान देना चहिए। वहीं गोमती नगर विस्तार के सरस्वती अपार्टमेंट निवासी उमेश राय ने बताया कि बिजली बिल का रेट पहले से ही अधिक है।

अगर बिजली दरें बढ़ीं तो इसका असर आने वाले निकाय चुनाव पर भी पड़ेगा और सरकार की छवि खराब होगी। ठाकुरगंज निवासी जय प्रकाश गुप्ता का कहना है कि बिजली आपूर्ति सही करने की बजाए दरों को बढ़ोत्तरी करना उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव डालना है। गढ़ी पीर खां निवासी अनूप शुक्ल कहते हैं कि पहले से ही बिजली की दरें काफी महंगी हैं, अब फिर कीमतें बढ़ाकर सरकार उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखना चाहती है।

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