पेट्रोल डलवाते समय आप भी तो नहीं हो रहे ठगी का शिकार?, ऐसे करें बचाव...
डेस्क, अमृत विचार। आज के समय में दैनिक जीवन में कहीं जाने या आने के लिए हम अपना वाहन ज्यादा इस्तेमाल करते हैं क्योंकि अपने वाहन से ही समय की बचत होती है, लेकिन क्या आपने कभी अपनी कार या बाइक में जो पेट्रोल डला रहे हैं वो पूरा डल रहा है या नहीं। क्योंकि कभी कभी पेट्रोल डलाने के लिए हम रुपए तो पूरा देते हैं लेकिन दिए गए रुपए के हिसाब से पेट्रोल कम मिलता है। तो आज हम आपके लिए कुछ तरीके बता रहे हैं, जिससे आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
इनमें सबसे ज्यादा आम तरीका यह होता है कि पेट्रोल पंप कर्मी ग्राहक को बातों में लगा लेते हैं और इसके बाद पेट्रोल भरने वाली मशीन के मीटर को जीरो किए बिना ही वाहन में फ्यूल फिलिंग करने लगते हैं। ऐसे में होता यह है कि मशीन में ज्यादा पैसे दिखते हैं जबकि फिल किया गया फ्यूल कम होता है, उसकी csx मात्रा कम होती है और फिर जब पैसे चुकाने की बात आती है तो ग्राहक वही पैसे देता है, जो मशीन पर डिस्प्ले होता है।
इसे उदाहरण के साथ समझने की कोशिश करते हैं। मान लीजिए आप किसी पेट्रोल पंप पर गए और आपने अपनी बाइक में 500 रुपये का पेट्रोल भराना चाहते हैं। अब सही तरीका तो यह है कि पेट्रोल पंप कर्मी मशीन को पहले जीरो करें और उसके बाद पेट्रोल भरे या फिर मशीन को जीरो करके उसमें 500 रुपये फीड करें और इसके बाद ही आपकी गाड़ी में पेट्रोल भरे। लेकिन, कई बार ऐसा देखने को मिलता है पेट्रोल पंप कर्मी आपको बातों में लगा लेते हैं और आपका ध्यान मीटर पर नहीं जाता है।
अब मान लीजिए उन्होंने पेट्रोल मशीन से जब पेट्रोल आपकी बाइक में फ्यूल फिल करना चालू किया , तब उसमें 18 रुपये दर्ज थे और जब रीडिंग 100 रुपये दिखने लगी तब पेट्रोल पंप कर्मी ने फिलिंग बंद कर दी। अब क्योंकि मशीन 100 रुपये दिखा रही होगा तो आप 100 रुपये ही भुगतान करेंगे जबकि हकीकत में आपको सिर्फ 82 रुपये का ही पेट्रोल मिला है, क्योंकि पहले से ही मशीन की रीडिंग 18 रुपये थी। यह ठगी का सबसे आम तरीका है जिसका अक्सर लोग अनजाने में शिकार हो जाते हैं।
ये खास बातें रखें ध्यान...
- पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालकर आप इसे चेक कर सकते हैं। यदि पेट्रोल प्योर होगा तो वह बिना कोई निशान छोड़े हवा में उड़ जाएगा। हालांकि पेट्रोल मिलावटी होगा तो पेपर आपको कुछ दाग जरूर नजर आएंगे।
- तेल डलवाते समय मशीन पर नजर बनाए रखें और यह ध्यान दें कि तेल डालने से पहले मशीन पर जीरो लिखा हो।
- पेट्रोल पंप पर आप 5 लीटर के क्वांटिटी टेस्ट के लिए भी कह सकते हैं। सभी पेट्रोल पंपों पर 5 लीटर तेल नापने वाली केन उपलब्ध रहती है, जिसे तौल एवं मापन विभाग की ओर से प्रमाणित किया गया है। यदि पंप पर डाला गए 5 लीटर तेल से केन पूरी भर जाती है तो समझिए कि पूरे दाम लेकर आपको कम तेल नहीं बेचा जा रहा है।
- हमेशा सेलिंग प्राइस चेक करें और आउटलेट पर लगी डिस्प्ले लिस्ट जरूर देख लें। डीलर तय मूल्य से अधिक चार्ज नहीं ले सकता। किसी को भी डिस्प्ले लिस्ट पर कीमत चेक कर लेनी चाहिए। हर खरीद पर डीलर से कैश मेमो की मांग जरूर करें।
- अगर आप पेट्रोल के लिए गए हैं और पास में दो नोजिल हैं तो खास ध्यान रखें। उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने 100 की पेट्रोल के लिए बोला, आपके पास दूसरा व्यक्ति ने 120 रुपए का डलाने के लिए बोला, उसी दौरान आपके साथ धोका हो सकता है। बराबर में नोजिट
चोरी की शिकायत कहां और कैसे करें-
अगर कोई ग्राहक इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी का शिकार हुआ है तो वह कस्टमर केयर 1800-2333-555 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा इंडियन ऑयल वेबसाइट के इस लिंक https://cx.indianoil.in/EPICIOCL/faces/GrievanceMainPage.jspx पर विजिट कर सकते हैं।
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