Indian Railway : यात्रीगण कृपया ध्यान दें, कोहरे के कहर से कई ट्रेनें लेट, कई पहुंची लेट, यहां चेक करें- लिस्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

Indian Railway कोहरे के कारण कई ट्रेनें लेट।

Indian Railway कोहरे के कहर से तेजस एक्सप्रेस निरस्त हो गई। वहीं, श्रमशक्ति साढ़े छह घंटे लेट चली। जबकि राजधानियां रेंगते हुए कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचीं।

कानपुर, अमृत विचार। Indian Railway कड़कड़ाती सर्दी उस पर कोहरे की मार के चलते रेल यातायात ध्वस्त हो गया है। हालात यह हैं कि घंटों देरी से चलने की वजह से नई दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा। वहीं श्रृमशक्ति दोगुने समय में सेंट्रल पहुंची। यही नहीं चार राजधानियां पांच से छह घंटे देरी से चल रहीं हैं। 

दूसरी ओर रोडवेज बसों का भी बुरा हाल है। यहां से विभिन्न शहरों को जाने वाली बसों की फ्रीक्वेंसी कोहरे को देखते हुए कम कर दी गई है। वहीं झकरकटी सहित अन्य बस अड्डों पर आने वाली बसें घंटों देरी से पहुंच रहीं हैं। 

रविवार को (82502) नई दिल्ली लखनऊ तेजस एक्सप्रेस निरस्त रही। (12452) श्रमशक्ति एक्सप्रेस दिल्ली से चलकर सुबह 6:00 बजे की जगह साढ़े 6 घंटे लेट 12.53 पर कानपुर सेंट्रल पर आई। (12302) हावड़ा राजधानी साढ़े पांच घंटे,(12314) सियालदह राजधानी  पौने छह घंटे (12423) डिब्रूगढ़ राजधानी 6 घंटे,(20818) भुवनेश्वर राजधानी 5 घंटे , (12309) जसराज एक्सप्रेस 7 घंटे ,(12559) शिवगंगा एक्सप्रेस पौने छह घंटे,(12393) संपर्क क्रांति 7 घंटे, (12368) विक्रमशिला एक्सप्रेस पौने पांस घंटे , (12398) महाबोधि एक्सप्रेस साढ़े 4 घंटे , (12417) प्रयागराज एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे , (12815) नंदन कानन एक्सप्रेस पौने नौ घंटे,(12488) सीमांचल एक्सप्रेस 6 घंटे,(15483) महानंदा एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, (12311) नेताजी एक्सप्रेस पौने सात घंटे, (18309) संबलपुर जम्मू एक्सप्रेस 8 घंटे , (12307) हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस पौने छह घंटे लेट सेंट्रल पर पहुंची।

इधर (12435) वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार रात को साढ़े सात घंटे लेट आई थी। जबकि रविवार को या ट्रेन वाराणसी से 4 घंटे देरी से चल रही है। ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्रियों का बुरा हाल है। प्रतीक्षालयों और प्लेटफार्मो पर यात्री ट्रेन का इंतजार करते देखे जा रहे हैं। 

रोडवेज बसों की फ्रीक्वेंसी हुई कम

कोहरे के कहर और यात्रियों की कमी के चलते रोडवेज बसों की फ्रीक्वेंसी को कम कर दिया गया है। जिस बस में 15 से 20 यात्री होते हैं वह सेवा रद्द कर दी जाती है। उन यात्रियों को उसी ओर जाने वाली बस में बिठा कर भेजा जाता है। यदि उस ओर जाने वाली बस के आगमन में देरी होती है तो उसके आसपास के शहर तक पहुंचने की व्यवस्था की जाती है।

जिससे वह वहां से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। रोडवेज आरएम लव कुमार सिंह ने बताया कि गत 25 जनवरी से यही हाल चल रहा है। वहीं ड्राईवरों को कोहरा घना होने पर बस को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

संबंधित समाचार