बरेली: इज्जतनगर रेल मंडल... यह साल प्रदूषणमुक्ति के संकल्प का

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वायु प्रदूषण रोकने के लिए मंडल के पांच मालगोदामों पर लगेगा वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम, ट्रैक पर दौड़ेंगी शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक ट्रेनें

बरेली, अमृत विचार। इज्जतनगर मंडल ने इस साल पूरी तरह प्रदूषणमुक्त होने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रेल लाइनों के विद्युतीकरण के साथ पर्यावरण सुरक्षा के दूसरे उपायों पर भी काम किया जाएगा। जिन स्टेशनों के आसपास गुड्स शेड पर लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान धूल उड़ती है, उन शेड्स पर वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। ट्रायल के तौर पर काशीपुर स्टेशन पर वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम लगाया गया है।

जल्द ही रेल प्रशासन बाकी मालगोदामों पर भी वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम लगाने की तैयारी में है। अफसरों के मुताबिक कुल मिलाकर इज्जतनगर मंडल के पांच स्टेशनों के गुड्स शेड पर वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। स्टेशनों का चयन किया जाना अभी बाकी है। इसके साथ डस्ट स्क्रीन वाल का भी निर्माण किया जाएगा। लक्ष्य है कि साल के अंत तक पूरी तरह विद्युतीकरण के साथ इज्जतनगर मंडल को प्रदूषण मुक्त कर लिया जाएगा।

बता दें कि इज्जतनगर मंडल में काशीपुर, पीलीभीत, हल्दीरोड, रुद्रपुर सिटी, बीसलपुर, शहबाज नगर, उझानी, कासगंज, फरुखाबाद, लालकुआं, भोपतपुर आदि स्टेशनों पर मालगोदाम हैं, जहां कोयले से लेकर अनाज और सीमेंट का भी लदान होता है। इस दौरान धूल उड़ने से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण फैलता है।

स्टेशनों पर ऐसे रोका जाएगा वायु प्रदूषण
वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम धूल के कणों को हवा में जाने से पहले ही पानी के साथ जमीन पर गिरा देगा। इसके साथ डस्ट स्क्रीन वाल धूल को बाहर नहीं फैलने देगी। इसके अलावा इन गुड्स शेड के आसपास पौधरोपण कर ग्रीन बेल्ट भी तैयार की जायेगी।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम प्रदूषण रोकने में काफी सहायक होता है। पूर्वोत्तर रेलवे ने प्रदूषण रोकने के लिए सबसे बड़ा काम विद्युतीकरण के क्षेत्र में किया है। पूर्वोत्तर रेलवे का 90 प्रतिशत रेल मार्ग पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।

17.87 किलोग्राम नहीं हुआ कार्बन उत्सर्जन
इज्जतनगर मंडल में पीलीभीत-शाहगंज महज 24 किमी मार्ग का विद्युतीकरण बाकी है। इलेक्ट्रिक ट्रेनों के चलने से 2021-22 में 67725000 लीटर हाईस्पीड डीजल की बचत हुई है। इससे 178794000 किलोग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन होने से रुका है। साल के अंत तक पूर्वोत्तर रेलवे पूरी तरह विद्युतीकृत हो जाएगा। कुछेक ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन लगाना रह गया है।

लिंकहाफ मैन बुश (एलएचबी) कोच से 48 जोड़ी एक्सप्रेस चल रही हैं। इनमें दो की जगह एक ही पावरकार लगाई जा रही है। एक पावरकार भी डीजल की जगह इलेक्ट्रिक से चल रही है। एलएचबी कोच लगने से भी डीजल की बचत हुई है। इज्जतनगर मंडल में मुंबई जाने वाली रामनगर-बांद्रा एक्सप्रेस को एलएचबी कोच के साथ चलाया जाता है।

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