Joshimath पर क्यों वायरल हो रहा है सुषमा स्वराज का संसद वाला भाषण, देखिए Video
चमोली। उत्तराखंड के चमोली में स्थित जोशीमठ के कई घरों और मकानों में दरारे आ गई हैं। सैकड़ों लोगों को घर से स्थानांतरित किया गया है। जोशीमठ में कुछ होटलों को भी गिराया गया है। जोशीमठ को सीकिंग जोन घोषित किया गया है। स्थानीय लोगों ने कहा था कि तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना से जुड़ी सुरंग की वजह से जोशीमठ में दरारे आई हैं।
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हालांकि केंद्र ने पर्यावरणविदों और भूवैज्ञानिकों के आरोपों को खारिज कर दिया है कि उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन की 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना से जुड़ी सुरंग के कारण क्षेत्र में भूमि का धंसाव हो सकता है। इसी विवाद के बीच भापजा की दिवगंत नेता और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो संसद का है, इसमें सुषमा स्वराज उत्तराखंड के प्रलय के बारे में बात कर रही हैं।
सुषमा स्वराज के वीडियो को भाजपा नेता उमा भारती ने ट्वीट किया है। ये वीडियो साल 2013 का है। उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा, मेरी बड़ी बहन तथा उस समय की लोकसभा में भाजपा की नेता प्रतिपक्ष के भाषण का एक वीडियो वायरल हुआ और मैंने देखा। उमा भारती ने लिखा, जिसने भी यह वीडियो वायरल किया उसने मुझे गंगा की धारा में वापस भेज दिया। ध्यान से इस वीडियो को सुनिए। उमा भारती ने आगे लिखा, यह कल-कल छल-छल बहती, क्या कहती गंगा धारा? युग-युग से बहता आता, यह पुण्य प्रवाह हमारा।
इस वीडियो में सुषमा स्वराज कह रही हैं, सभापति इसके साथ एक और प्रश्न खड़ा हुआ है। विकास बनाम विनाश का। उत्तराखंड में जो विकास के नाम पर हो रहे हैं, प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने की, पर्यावण को प्रदूषित करने की, नदियों पर बांध बनाने की, ये उसका नतीजा है। हम किसके लिए विकास कर रहे हैं। हम अरबों-खरबों रुपया लेकर विकास करते जाते हैं, प्रकृति एक दिन क्रोधित होती है और ऐसी विनाश लीला करती है, कि सबकुछ तबाह कर जाती है।
1. मेरी बड़ी बहन तथा उस समय की लोकसभा में भाजपा की नेता प्रतिपक्ष के भाषण का एक वीडियो वायरल हुआ और मैंने देखा। pic.twitter.com/9ozfHp5UKB
— Uma Bharti (@umasribharti) January 13, 2023
सुषमा स्वराज ने आगे कहा, कब आंखें खुलेंगी हमारी, क्या इस त्रासदी के बाद भी नहीं, इस आपदा के बाद ही नहीं...? वहां एक धारी देवी का मंदिर है, जिसे उत्तराखंड का रक्षक कहा जाता है, उत्तराखंड की रक्षक देवी धारी देवी के ऊपर भी एक विद्यूत परियोजना चलाई जा रही है, जिसमें धारी देवी को जलमग्नन करने की योजना थी...। हमारी पार्टी की नेता उमा भारती एड़ी-चोटी का जोड़ लगा रही थी, उस धारी देवी को बचाने के लिए...एक-एक के घर जाती थीं।
सुषमा स्वराज आगे बोलीं, आडवाणी जी के साथ प्रतिनिधमंडल को लेकर वह (उमा भारती) मेरे पास आईं और हम प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के पास गए। पर्यावरण मंत्री से सैंकड़ों बार मिली थीं। हमें प्रधानमंत्री और पर्यावरण मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसी भी कीमत पर धारी देवी की मंदिर वहां से हटाई नहीं जाएगी। धारी देवी की मंदिर में मूर्ति नही,एक शीला है। जिस शीला को बचाने के लिए हम लगे हुए थे, लेकिन सभापति आप जानते हैं ये मात्र संयोग नहीं है, मैं सदन के लोकों बताना चाहती हूं, उधर 16 जून को धारी देवी जलमग्न हुईं और उसी दिन इधर केदारनाथ में जय प्रलय आया। जो ऐसा जल प्रलय आया, जो हजारों जिंदगी लील गया। जो एक विनाश की लीला करते हुए चला गया।
सुषमा स्वराज वीडियो के आखिर में बोलती हैं, हमारे शास्त्रों में एक श्लोक है, अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना, त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं ॥ मतलब है, जहां अपूज्य लोगों की पूजा होती है और पूज्य लोगों का तिस्कार होता है, वहां अकाल, मृत्यु, डर तीनों प्रकट हो जाते हैं।
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