बरेली: कार सेवकों, विहिप, संघ के स्वयं सेवकों में दिखा गजब का उत्साह
बरेली,अमृत विचार। श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए खून-पसीना बहाने वाले हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में मंदिर के शिलान्यास के मौके पर गजब का उत्साह देखने को मिला। उस समय के कार सेवक कारसेवा के दौरान की याद करके भावुक हो गए। वीरसावरकर नगर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संचालित छात्रावास में …
बरेली,अमृत विचार। श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए खून-पसीना बहाने वाले हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में मंदिर के शिलान्यास के मौके पर गजब का उत्साह देखने को मिला। उस समय के कार सेवक कारसेवा के दौरान की याद करके भावुक हो गए।
वीरसावरकर नगर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संचालित छात्रावास में स्वयंसेवकों ने एक दूसरे को बधाईयां दी। संघ के विभाग प्रचारक आनंद ने कहा कि श्रीराम मंदिर के लिए चली लंबी लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने वाले लोगों के बल पर आज यह दिन देखने को मिला है। पूर्व विभाग प्रचारक राधेश्याम कार सेवा के समय को दिनों को याद कर भावुक हो गए है। जब सामने टीवी श्रीराम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
महानगर प्रचारक विक्रांत ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुशी जताई। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राकेश मोहन त्यागी बेहद खुश दिखे। वह अयोध्या में दो बार कार सेवा के लिए गए थे। सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य दिनेश अवस्थी राम मंदिर आंदोलन को याद कर बताते हैं कि वह दो बार अयोध्या में कार सेवक के रूप में गए थे। आज सबकुछ मिल गया है। पूर्व विधायक व मेयर रहे सुभाष पटेल ने अपने बेटे भाजपा नेता प्रशांत पटेल के साथ पूजा पाठ कर मिठाई बांटी।
भाजपा की जिलाध्यक्ष रहीं विमला शुक्ला श्रीराम मंदिर के आंदोलन के समय दुर्गा वाहिनी और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हुआ करती थीं। आज जब मंदिर का शिलान्यास हुआ तो पूरे परिवार हंसी-खुशी का माहौल रहा। उनके पति नवाबगंज के पूर्व चेयरमैन राजेन्द्र शुक्ला उर्फ मुन्ना पांडेय ने लोगों के साथ पूजा पाठ किया। स्वर्गीय जय कृष्ण खंडेलवाल के इंदिरा नगर आवास पर श्रीराम रामजन्म भूमि आंदोलन की अग्रणी भूमिका रही थी। आज सपना सकार होने पर उनके सुपुत्र अनुपम खंडेलवाल ने पूरे परिवार के साथ खुशी मनाई। हेमलता जैन अपने बेटे सौरभ जैन और अधिवक्ता वैभव जैन के साथ पूजा अर्चना की। वीरेंद्र अटल ने भी अपने आवास पर जश्न मनाया।
धन्य है प्रभु, आज का दिन
विहिप के महानगर अध्यक्ष रहे वीरेंद्र कुमार बरतरिया और उनके भाई शिव कुमार बरतरिया ने बताया कि मंदिर के शिलान्यास का दिन जिंदगी का सबसे महत्तवपूर्ण दिन है। हमें याद है कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन के शुरुआती दौर विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री अशोक सिंघल ने श्रीराम मंदिर का ताला खुलवाने के लिए हुंकार भरी थी। इसके बाद लंबी लड़ाई के बाद आज श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर बनने का सपना साकार हुआ है।
उस समय राजेन्द्र सिंह उर्फ पंकज भी बैठक में मौजूद थे। इस परिवार का श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन से गहरा नाता रहा। जब परिवार के लोगों सहित दो भाईयों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टीवी पर श्रीराम मंदिर का शिलान्यास करते देख भावुक हो गए, क्योंकि रथ यात्रा के समय जब मोदी ने हाथ पकड़ कर वीरेंद्र को रथ पर चढ़ाया था। बीते दिनों का संस्मरण एक बार फिर से ताजा हो गया।
