अयोध्या: मंदिरों में चढ़े फूलों से बन रही अगरबत्ती, महापौर ने किया शुभारंभ

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Edited By Amrit Vichar
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भविष्य में अयोध्या फैजाबाद के 42 मंदिरों से निकलने वाले फूलों से बनेंगे उत्पाद

अमृत विचार, अयोध्या। रामनगरी के प्रमुख मंदिरों से भगवान के चरणों में अर्पित फूल अब नष्ट नहीं होंगे। इन फूलों से अगरस्ती सहित अन्य सुगंधित उत्पाद तैयार होंगे। फूलों से अगरबत्ती सहित अन्य उत्पादों को तैयार करने के लिए नगर निगम ने कानपुर की फूल डॉट काम संस्था से अनुबंध किया। संस्था ने अयोध्या में कार्य शुरू कर दिया है। पहले दिन अयोध्या के नागेश्वर नाथ मंदिर और नाका हनुमानगढ़ी से निकले करीब 80 किलो फूलों से अगरबत्ती बनाने का कार्य शुरू हुआ। इसका शुभारंभ मोहबरा चौराहा स्थित शक्ति भवन में महापौर ऋशिकेश उपाध्याय ने किया।

महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अयोध्या के मंदिरों में जो फूल चढ़ाए जाते हैं उन्हें मंदिरों से एकत्र कर इस स्थान पर फूलों की अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने के साथ और कई वस्तुओं को बनाए जाने का कार्य किया जाएगा। जल्द ही भगवान पर चढ़ने वाले फूल को अगरबत्ती उनके चरणों में समर्पित की जाएगी। 

नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि फूल डॉट काम संस्था  कानपुर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, वाराणसी में यह कार्य कर रही हैं। नगर निगम के सहयोग से अयोध्या में स्टार्टअप किया गया है। भविष्य में महानगर की 42 मंदिरों से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती, धूप बत्ती, गुलाब जल व लेदर के सामान तैयार करेगी। इस प्रोजेक्ट में अभी 11 महिलाएं लगी हैं। भविष्य में यूआरएलएम की महिलाओं को जोड़ने और उन्हें एक रोजगार का अवसर देने का कार्य भी किया जाएगा।

महापौर ने मंदिरों के फूलों से लेदर की चप्पलें बनाने पर की आपत्ति
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने फूलों से बनाने वाले लेदर योजना पर आपत्ति जतायी है। मेयर का कहना है कि भगवान के चरणो के फूलों से बनने वाले लेदर का प्रयोग चप्पल बनाने में न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि फूलों से बनने वाले लेदर चप्पल बनाने के प्रयोग में लाया गया तो मंदिरों से फूल नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि अस्पतालों में बेड सीट, टेबल जैसे स्थानों पर लगाने वाले चीजों का निर्माण हो।

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