Lucknow Kgmu: भर्ती मरीजों को नहीं देख पा रहा केजीएमयू, जांच के नाम पर लगवा रहे पांच-पांच बार चक्कर
अमृत विचार लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती गंभीर मरीजों के भी इलाज में मुश्किलें आ रही हैं। हालत ये है कि साथ में आये तीमारदार भी भागदौड़ कर बीमार हो रहे हैं। लारी कॉर्डियोलॉजी में दिल के मरीजों को जांच के नाम पर चार-पांच बार दौड़ाया जाता है, स्थिति ये है कि जांच के इंतजार में मरीजों को लगी ऑक्सीजन भी खत्म हो जाती है। वहीं सुरक्षा में लगे गार्ड अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे। डॉक्टर-टेक्नीशियन बहानेबाजी कर मरीजों को लौटा रहे हैं। बदइंतजामी का आलम यह है कि ईको जैसी जांच के लिए मरीजों को दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।
ऑक्सीजन सपोर्ट मरीज को तीन बार दौड़ाया
गाजीपुर निवासी 65 वर्षीय अम्बरीश दयाल दिल के गंभीर मरीज हैं, ऐसे में बुधवार को उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई। तो अंबरीश का भांजा अनूप उनको लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। डॉक्टरों ने अंबरीश का इलाज शुरू किया। मरीज को गांधी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। मरीज को सांस लेने में परेशानी थी। इसलिए डॉक्टरों ने ईको जांच कराने को कहा। इसके लिए भांजा अनूप सिन्हा मरीज को लेकर लारी पहुंचे। यहां दो घंटे बाद जांच होने की बात कही गई। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था लिहाजा परिवारीजन मरीज को वापस गांधी वार्ड लेकर चले गए। अनूप ने बताया कि वह सुबह से तीन बार चक्कर लगा चुके थे लेकिन जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
पांच बार दौड़ाया तो परेशान हो गया मरीज
आजमगढ़ निवासी मो. रजा को सांस लेने में तकलीफ हुई। परिवारीजन मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर में गए थे। वहां भर्ती किया गया। तबीयत स्थिर होने के बाद मरीज को गांधी वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों ने मरीज को ईको समेत दूसरी जांच कराने की सलाह दी। भाई अफताब ने बताया कि भाई मो. रजा का गांधी वार्ड में इलाज चल रहा है। वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। ईको समेत दूसरी जांच के लिए उनको तीन बार लारी लाए, तब जांचें हो सकी।
इधर....... दो बजे तक शुरू नहीं हुई जांच
लारी कॉर्डियोलॉजी में टीएमटी समेत दूसरी जांचें भी मौजूदा समय में प्रभावित हो रही हैं। दो बजे तक जांच शुरू नहीं हुई थी। मरीज जांच के लिए लाइन में लगे थे। जबकि सुबह नौ बजे से इलाज शुरू होने का नियम है। मरीज-तीमारदार लगातार शिकायत कर रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। मरीज लैब के बाहर जांच का इंतजार कर रहे थे। संदीप वर्मा अपनी बुजुर्ग मां राम दुलारी को लेकर सुबह नौ बजे टीएमटी लैब के बाहर इंतजार कर रहे थे। माल निवासी राम अनुज वर्मा व बुद्धेश्वर निवासी तीर्थ यादव भी जांच के लिए सुबह से बैठे थे। मरीज-तीमारदार ने बताया कि यह जांच खाली पेट होती है।
नाराज हुए मरीजों के तीमारदार
मरीजों की जांच के लिए लंबे इंतजार में बैठे तीमारदारों ने लैब कर्मचारियों से जब नाराजगी जताई और हंगामा किया तो उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। लैब का कार्य देख रहे अभिनव ने बताया कि मौजूदा समय में लैब में कर्मचारियों की संख्या कम है इसलिए दिक्कत आ रही है।
कोट-
कभी-कभी मरीजों की संख्या बढ़ जाती है जिसके बाद ये समस्या आती है। फिर भी गंभीर मरीजों को जल्दी से जल्दी देखने का प्रयास होता है। टीएमटी लैब देर से शुरू हुई इस पर जिम्मेदारों को नोटिस जारी होगा।
प्रो. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
