बरेली: अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर रिपोर्ट दर्ज कराई, संचालक का नाम नहीं किया उजागर
बरेली, अमृत विचार। जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए कि अनियमितताएं मिलने पर भी संबंधित संचालक को बचाया जा रहा है।
दरअसल 10 जनवरी को फरीदपुर में जिन अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों को खुद सीएमओ डा. बलवीर सिंह और पीसीपीएनडीटी प्रभारी डा. हरपाल सिंह ने पकड़ा था, उसके खिलाफ भी कार्रवाई में लीपापोती शुरू हो गई है। इसकी जानकारी आलाधिकारियों को न हो, इसलिए विभाग ने थाने को एफआईआर दर्ज करने को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें संचालक का नाम न देकर सेंटर का नाम उजागर किया गया है।
साठगांठ का खेल
अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर में तीन लोगों पर प्रथम दृश्ट्या आरोप बनता है। पहला संचालक के खिलाफ जिसके पास पर्याप्त जरूरी दस्तावेज नहीं थे। दूसरा, उस चिकित्सक के खिलाफ जिसने अपना प्रमाण पत्र सेंटर के पंजीकरण के लिया दिया लेकिन वहां काम नहीं कर रहा है। तीसरा आरोप उस युवक और युवती पर बनता है जो डाक्टर या स्वास्थ्यकर्मी न होने के बाद भी गर्भवतियों, मरीजों की जांच करते रंगेहाथ पकड़े गए थे। अफसरों के पास तीनों के ही नाम थे, लेकिन रिपोर्ट कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर और रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर के नाम से दर्ज कराई गई है। इससे विभागीय कार्रवाई सवालों के घेरे में है।
इनको जारी किए नोटिस
नोडल अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने शुक्रवार को कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों को नोटिस जारी किए हैं। बीते दिनों उन्होंने मिशन अस्पताल, गुड लाइफ, केयर हास्पिटल, गुरु हरि किशन अस्पताल, राधिका आईवीएफ सेंटर की चेकिंग की थी। इसमें कई जगह खामी मिली थी। संबंधित को नोटिस जारी किए गए हैं।
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