अयोध्या : अधिवक्ताओं में उबाल, दो सिविल जज न्यायालय के बहिष्कार का लिया निर्णय

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार,अयोध्या। फैजाबाद बार एसोसिएशन की हुई हंगामेदार बैठक में आठ मंजिला नवनिर्मित दीवानी अदालत का बहिष्कार करने के साथ-साथ तृतीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन व सिविल जज जूनियर डिविजन एफटीसी की कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

शनिवार को बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। अधिवक्ताओं से खचाखच भरे सदन में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट अभिषेक बगड़िया व सिविल जज जूनियर डिविजन फास्ट ट्रैक अंजली पांडे द्वारा अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए मनमाना कार्य करने व तृतीय अपर सिविल जज आमिर सुहेल द्वारा वर्ग विशेष के प्रति एकतरफा व्यवहार किए जाने के कारण उनके न्यायालयों का बहिष्कार करने की आवाज उठाई।

24 कक्षीय आठ मंजिला नवनिर्मित अदालत के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार एवं सभी लिफ्ट खराब होने तथा सीढ़ियों के सकरी होने के कारण अधिवक्ताओं व वादकारियों के आने जाने में होने वाली समस्या को लेकर पूरी बिल्डिंग का बहिष्कार करने की भी उपस्थित अधिवक्ताओं ने मांग की। पूर्व अध्यक्ष संजीव दुबे ने कहा कि नई बिल्डिंग की अदालतों में प्रत्येक दिन लगभग 5 हजार फाइलें सुनवाई के लिए नियत होती है तो लगभग 10 हजार वादकारी अपने मुकदमों की पैरवी के लिए उस बिल्डिंग में जाते हैं।

बुजुर्ग अधिवक्ता लिफ्ट खराब होने व सीढ़ियों के सकरा होने के कारण बिल्डिंग में जाने से डरते हैं। आने जाने का रास्ता भी बहुत सकरा है। ऐसे में बिल्डिंग के निर्माण में हुए घोटाले की जांच के लिए भी कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, अधिवक्ता गिरीश तिवारी, लाल जी गुप्त, दूधनाथ मिश्र, राम शंकर तिवारी सोमनाथ तिवारी सहित कई अधिवक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।

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