जलालाबाद: पीपीई किट के बाद फेंके संक्रमित मास्क, कैप और ग्लब्स
जलालाबाद,अमृत विचार। शाहजहांपुर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। हर आम-ओ-खास इसकी गिरफ्त में है। शहरी क्षेत्र से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र तक अपने पांव जमा चुका कोरोना अब लोगों की जिंदगियां लीलने लगा है मगर स्वास्थ्य विभाग व उसके अधिकारी कुम्भकरणी नींद सोए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की …
जलालाबाद,अमृत विचार। शाहजहांपुर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। हर आम-ओ-खास इसकी गिरफ्त में है। शहरी क्षेत्र से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र तक अपने पांव जमा चुका कोरोना अब लोगों की जिंदगियां लीलने लगा है मगर स्वास्थ्य विभाग व उसके अधिकारी कुम्भकरणी नींद सोए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जिले के लोगो के लिए कोरोना श्राप बन गई है। गुरुवार को जिले में कोरोना के कारण तीन जिंदगियां काल के गाल में समा गईं मगर फिर भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाहियों के नए आयाम स्थापित कर अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ने में लगा हुआ है।
मामला जलालाबाद सीएचसी का है। यहां लगभग एक माह पूर्व इस्तेमाल की गई पीपीई किट अस्पताल परिसर में रखे डस्टबिन में खुले में फेंक दी गई थी। मामला मीडिया में आया तो एसडीएम सौरभ भट्ट ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंप कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा था मगर समय बीतने के बाद जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उसके कुछ ही दिनों बाद जिले के एक अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी इसी तरह का मामला प्रकाश में आया मगर दोनो ही मामलों में कार्रवाई न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के ये कोरोना योद्धा और भी लापरवाह हो गए।
शुक्रवार को जलालाबाद सीएचसी पर ही बंदरों को इस्तेमाल किये गए ग्लब्स, मास्क और सर्जिकल कैप से खेलते हुए देखा गया। यदि कोई भी ग्लब्स, मास्क या कैप संक्रमित हुआ तो स्थिति क्या हो सकती है इसका अंदाजा भी नही लगाया जा सकता पिछली बार की लापरवाही पर यदि कार्रवाई हुई होती तो मामले की पुनरावृत्ति नहीं होती।
“सप्ताह में दो से तीन बार शाहजहांपुर से बॉयोमेडिकल वेस्ट की टीम आकर वेस्टेज ले जा रही है मास्क और ग्लब्स आने बाले रोगियों द्वारा फेंके गए होंगे जिनको हम बंदरो को उठाने से नहीं रोक सकते।” -ओमेंद्र पाल, चिकित्साधीक्षक, जलालाबाद
“पूर्व में चिकित्साधीक्षक को लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी गई थी अभी का मामला संज्ञान में नहीं है। जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।” -सौरभ भट्ट, एसडीएम जलालाबाद
