हल्द्वानी: शनि की साढ़ेसाती और ढैया...किस राशि पर कैसा रहेगा प्रभाव, जानिए पूरा हाल
हल्द्वानी, अमृत विचार। शनि देव को ग्रहों में न्यायाधीश की संज्ञा दी गई है, और हर कोई अपनी राशि में शनि देव की स्थिति को लेकर जिज्ञासा से भरा रहता है। वहीं इस वर्ष शनि देव किस पर होंगे मेहरबान और कैसे किया जा सकता है इन्हें खुश... बता रहीं हैं हल्द्वानी निवासी ज्योतिषाचार्या मंजू जोशी।
तो चलिए साझा करत हैं आपसे पूरी जानकारी, तो सबसे पहले आपको बता दें कि कि इस वर्ष 2023 में शनि देव कुंभ राशि में भ्रमण करेंगे। मकर कुंभ मीन राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा तथा कर्क वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा।
मीन राशि में शनि की साढ़ेसाती का प्रथम चरण चल रहा है इसमें मानसिक तनाव अधिक रहता है। कुंभ राशि में साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है जिसे अत्यधिक कष्टकारी माना गया है एवं मकर राशि के जातकों पर शनि के अंतिम चरण का प्रभाव रहेगा जो कि सामान्य रहता है केवल चोट लगने की संभावना रहती है।
इसके अतिरिक्त शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है एवं कर्मफल दाता शनि भी कहा गया है। शनि की साढ़ेसाती से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। सत्कर्म करते हुए जीवन यापन करें। जिस प्रकार न्यायाधीश के समक्ष हाथ नहीं जोड़ें जाते ठीक उसी प्रकार शनिदेव के सम्मुख भी हाथ पीछे की ओर बांधकर नतमस्तक होकर प्रणाम करने का विधान है।
शनि शांति के उपाय
सर्वप्रथम जैसे हमने बताया कि शनि को कर्म फल दाता कहा गया है इसलिए कोई भी अनुचित कार्य करने से बचें। शनि की ढैया एवं साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव को कम करने हेतु हर शनिवार को शनि देव मंदिर में सरसों के तेल से दीपक प्रज्वलित करें। पीपल के वृक्ष के मूल पर तिल डालकर जल अर्पित करें एवं प्रदोष काल में दीपदान करें। बंदरों को गुड़ व चना खिलाएं। हनुमान चालीसा का प्रतिदिन सायंकाल पाठ करें। मंगलवार एवं शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। काले घोड़े की नाल या नाव के कांटे की अंगूठी मध्यमा उंगली में शनिवार को धारण करें। जरूरतमंद व्यक्तियों को अन्न वस्त्र एवं सामर्थ्य अनुसार दान दक्षिणा दें।शनिदेव के सम्मुख सम्पूर्ण भाव से जाने-अनजाने में किए गए दुष्कर्म हेतु क्षमा प्रार्थना करें।
