Kanpur : बाजरे से बनाया केक, पेस्ट्री और लड्डू, CSA के विशेषज्ञ मोटे अनाज से बना रहे कई व्यंजन
कानपुर में सीएसए के विशेषज्ञ मोटे अनाज से कई व्यंजन बना रहे।
कानपुर के सीएसए के विशेषज्ञ मोटे अनाज से कई व्यंजन बना रहे। विशेषज्ञ ने बाजरे से केक, पेस्ट्री और लड्डू बनाया। विशेषज्ञों द्वारा बनाए जा रहे व्यजन को शुगर के रोगी भी खा सकेंगे।
कानपुर, अमृ़त विचार। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोटे अनाज को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। बड़े-बुजुर्ग ही क्या छोटे बच्चों को भी इसके सेवन की सलाह दी जा रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के विशेषज्ञों ने मोटे अनाज से कई तरह के व्यंजन बनाने शुरू कर दिए हैं।
यहां के कम्युनिटी साइंस विभाग की शोधार्थियों ने बाजरे से केक, पेस्ट्री और लड्डू तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। यह पूरी तरह से सेहतमंद है, शुगर के रोगी भी खा सकेंगे। इसमें काफी मात्रा में पौष्टिकता पाई गई है। पिछले दिनों विश्वविद्यालय आए जापानी कृषि मंत्रालय के विशेषज्ञों ने इसका स्वाद चखने के बाद जमकर तारीफ की थी। उन्होंने केक, पेस्ट्री और लड्डू को पेटेंट कराने की सलाह दी है।
विश्वविद्यालय की कम्युनिटी साइंस की डॉ. सीमा सोनकर के निर्देशन में पीएचडी की शोधार्थी छवि और रिचा ने बाजरे से केक, पेस्ट्री और लड्डू बनाए हैं। उन्होंने बाजरे का आटा, गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर, अंडा, चीनी, वैनीला फ्लेवर को मिलाकर घोल तैयार किया। उसको माइक्रोवेव ओवन में रखकर केक का रूप दिया। मधुमेह रोगी चीनी की जगह हल्के गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। डॉ. सीमा सोनकर के मुताबिक केक और पेस्ट्री में काजू, बादाम, चिरौंजी, अखरोठ, पिस्ता आदि ड्राई फ्रूट्स डाल सकते हैं।
मैदा और ग्लूटिन बिल्कुल नहीं
डॉ. सोनकर ने बताया कि केक, पेस्ट्री और लड्डू में मैदा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। बाजरे में ग्लूटिन न के बराबर रहता है, जिससे पेट का पाचन तंत्र, इम्युन सिस्टम अच्छी तरह से कार्य करता है। कई तरह के अनाज में यह मिलता है। डॉक्टर और डाइटिशियन ग्लूटिन फ्री डाइट के लिए कहते हैं।
दिल का दोस्त है बाजारा
निदेशक शोध डॉ. विजय यादव ने बताया कि बाजारा दिल का दोस्त है। 100 ग्राम बाजरे में 378 कैलोरी, 0.7 ग्राम कुल वसा, 2.1 ग्राम पॉली अनसैचुरेटेड वसा, 0.8 ग्राम मोनो अनसैचुरेटेड वसा होती है। कोलेस्ट्रॉल न के बराकर है। पोटेशियम, मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर रहता है। मोटे अनाज को लेकर विश्वविद्यालय में कार्य किया जा रहा है।
