बजट में रोजगार सृजन और बुजुर्गों-महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा पर जोर: सुशील मोदी

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Edited By Amrit Vichar
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पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन और बुजुर्गों एवं महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा पर जोर दिया गया है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह सब नहीं दिखता है।

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मोदी ने गुरुवार को कहा कि अमृतकाल के बजट में 10 लाख करोड़ रुपये सड़क, बिजली, पुल-पुलिया, रेलवे ओवर ब्रिज और बंदरगाह वगैरह बनाने के लिए दिये गए हैं, जिससे देश में लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार का केंद्रीय बजट रोजगार सृजन करने वाला बजट है, लेकिन मुख्यमंत्री को 11 घंटे बाद तक इसकी जानकारी न होना चिंता की बात है।

उन्हें न पटना में लाठीचार्ज की खबर होती है न ही वे मंत्रियों के विवादास्पद बयान देखते हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि आय कर छूट की सीमा बढ़ कर सात लाख रुपये होने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। 90 फीसद करदाता इस दायरे में आते हैं।

उन्होंने कहा कि देश में वरिष्ठ नागरिकों की बढती संख्या को देखते हुए बजट में बुजुर्गों के लिए ऊंची ब्याज दर वाली बचत योजनाओं में धन लगाने की सीमा दोगुनी कर दी गई। अब वरिष्ठ नागरिक सावधि जमा में 30 लाख रुपये तक रख सकेंगे, जिससे उन्हें 20 हजार रुपये तक मासिक आय हो सकती है।

मोदी ने कहा कि बजट में दो साल के लिए दो लाख रुपये जमा करने वाली महिलाओं को 7.5 फीसद की दर से ब्याज देने की घोषणा की गई। यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और बुजुर्गों-महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा पर फोकस करने वाले बजट को जब मुख्यमंत्री देखते ही नहीं, तब उनके ट्वीट और बयान राजनीतिक पूर्वाग्रह से ज्यादा कोई मायने नहीं रखते।

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