Kanpur Fire : SNK मसाला फैक्ट्री में लगी भीषण आग, मजदूर की मौत, परिजनों की पुलिस से नोंकझोंक
Kanpur Fire कानपुर में एसएनके मसाला फैक्ट्री में आग लगने से मजदूर की मौत।
Kanpur Fire कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में एसएनके पान मसाला फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों की पुलिस से नोंकझोंक हुई।
कानपुर, अमृत विचार। पनकी थानाक्षेत्र अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया साइड नंबर एक पर स्थित एसएनके मसाला फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दौरान सूचना पर पहुंची दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आगू पर काबू पाया। इस अग्निकांड में एक मजदूर बुरी तरह से झुलस गया, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान सांसे थम गईं। मजदूर की मौत पर आक्रोशित परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। पुलिस से भी कई बार परिजनों की तीखी नोंकझोंक हुई। प्रबंधन की ओर से मुआवजा मिलने के बाद परिजन शांत हुए। हादसे की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है।
स्वरूप नगर निवासी नवीन कुरेले की ग्रीन्स वर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एसएनके गुटखा फैक्ट्री) में टीन शेड डालकर बनाए गए दूसरी मंजिल में शुक्रवार तड़के चार बजे अचानक भीषण आग लग गई। तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। काले धुएं का गुब्बार आसमान में छाने लगा। आनन-फानन हादसे की सूचना दमकल विभाग और फैक्ट्री मालिक को दी गई।
शहर के तीन फायर स्टेशनों से करीब छह दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक-एक कर्मचारी को बाहर निकलवाया। इस दौरान तीसरी मंजिल में सो रहा ग्राम बनपुरवा पोस्ट सवाइजपुर थाना नरवल निवासी (25 वर्षीय)शिवकुमार उर्फ शीलू बुरी तरह से झुलस गया। किसी तह रेस्क्यू कर उसे दमकल कर्मियों ने एंबुलेंस से हैलट भिजवाया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मां रामदुलारी, बहन दीपांशी रो-रोकर बेहाल है। उनका कहना था कि घटना सुबह चार बजे फैक्ट्री के अंदर आग जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। मां व बहन का आरोप है कि प्रबंधक के कुछ लोगों ने शीलू को करंट से मारने के बाद जलती आग में फेंक दिया। शीलू की हत्या को पुलिस भी हादसा बता रही है। आरोप लगाया कि उसके शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। आग से लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
पनकी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया की फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना मिली थी, जिस पर टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। शीलू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आग से जलने की पुष्टि हुई है। वहीं हंगामा की सूचना पर पनकी एसीपी निशंक शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाबुझाकर शांत कराया।
25 जनवरी को पहुंचा था घर
बहन दीपांशी ने बताया कि 25 जनवरी को भाई शीलू घर आया था। घर के जरूरी काम निपटाने के बाद अगले दिन वह चला गया था। क्योंकि वह फैक्ट्री में ही काम करने के साथ वहीं रहता था। लेकिन महीनें में एक आध बार घर आता था।
शादी के लिए चल रही थी बात
मां रामदुलारी ने बताया कि बेटे शीलू की लगातार शादी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। लेकिन कोई सहीं परिवार न मिलने से शादी तय नहीं हो पाई थी। इस वर्ष उसकी शादी करने की ही थी। जिसको लेकर वह काफी खुश था। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था।
बड़ा भाई बेंगलुरु में कर रहा नौकरी
परिजनों ने बताया कि शीलू ने छह माह पहले ही एसएनके फैक्ट्री में नौकरी की शुरुआत की थी। उनका बड़ा भाई भी अगरबत्ती की फैक्ट्री में बेंगलुरु में काम करता है। शीलू की मौत की सूचना जैसे ही उसे दी गई वह वैसे ही शहर आने के लिए निकल पड़ा।
साढ़े पांच लाख मुआवजे के बाद हुए शांत
हादसे चार बजे तड़के का था। मजदूर शीलू की मौत सुबह सात बजे के आसपास हो गई थी। इसी बात को लेकर परिजन भड़क गए। आरोप था कि नौ बजे सूचना दी गई और झूठ बोला गया कि वह अस्पताल में भर्ती है, काफी बीमार है। आरोप है कि इस पर वह लोग हैलट पहुंचे। जहां उन्हें पोस्टमार्टम में शव रखे जाने की बात कही गई। जिससे वह लोग आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे। हादसे के बाद कई बार फैक्ट्री कर्मचारियों से उन लोगों की तीखी झड़पें हुईं। किसी तरह मान मनौव्वल के बाद करीब सवा चार बजे आक्रोशित परिजन प्रबंधन द्वारा साढ़े पांच लाख रुपये मुआवजा देने की बात पर शांत हुए। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन का कहना था कि किसी भी वर्कर हो द्वितीय मंजिल में सोने की मनाही है, इसके बाद भी वह वहां पर सो रहा था।
द्वितीय तल की छत पर अस्थाई टीन शेड से बनाया गया था उसी में आग लग गई थी। अग्निशमन केंद्र फजलगंज, किदवई नगर, मीरपुर की अग्निशमन गाड़ियों की मदद से 5-6 घंटे के अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में एक झुलसे व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। जांच की जाएगी।– दीपक शर्मा, मुख्य अग्निश्मन अधिकारी
