विरासत संग Airport जैसी सुविधा का संगम होगा Kanpur Central Station, अगले माह तक शुरू हो जाएगा काम

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Edited By Amrit Vichar
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पुनर्विकास के बाद बदलेगी कानपुर सेंट्रल स्टेशन की तस्वीर।

पुनर्विकास के बाद बदलेगी कानपुर सेंट्रल स्टेशन की तस्वीर। घंटाघर की ओर आठ मंजिला इमारतें बनेंगी। प्रवेश व निकान बीच से होगा।

कानपुर, अमृत विचार। सेंट्रल स्टेशन का कायाकल्प करने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई है। स्टेशन के पुनर्विकास पर 729 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले माह के अंत से काम शुरू हो जाएगा। पार्किंग, अतिक्रमण और जाम से जूझते घंटाघर का कोढ़ मिटाकर स्टेशन को जो नया स्वरूप दिया जाएगा, वह मौजूदा हेरिटेज लुक के साथ एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का अनूठा संगम होगा। 

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में स्थित सेंट्रल स्टेशन को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई) के टी-3 टर्मिनल की तर्ज पर विकसित  करने की योजना है। लेकिन इसमें हेरिटेज स्वरूप बरकरार रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का खाका खींचा गया है। कैंट साइड की हेरिटेज बिल्डिंग से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं प्लेटफार्मों से लेकर घंटाघर तक सब बदल कर एयरपोर्ट जैसा हो जाएगा। 

घंटाघर की ओर दो आठ मंजिला इमारतें बनेंगी। जिसमें से पहले चरण में एक आठ मंजिला और दूसरी चार मंजिला होगी। इनमें रेलवे के ऑफिस होने के साथ ही  कामर्शियल, मॉल,मल्टीप्लेक्स, होटल, रेस्टोरेंट आदि इंटरटेनमेंट की सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। चार मंजिला इमारत के ऊपर के चार मंजिलों को कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए लीज पर दिया जाएगा।

जिससे रेलवे को उनकी जगह का आर्थिक फायदा भी होगा। भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही यात्रियों की संख्या में भी 30 प्रतिशत के हिसाब से वृद्धि होने की संभावना है। जिसके लिए दोनों इमारतों के बीच में कॉनकोर्स (प्रवेश और निकास) रहेगा। जिससे यात्री आराम से सेंट्रल में आवागमन कर सकें।

पार्किंग होगी अंडरग्राउंड

स्टेशन के बाहर कैंट और घंटाघर साइड पर बाहर की ओर कोई भी वाहन नहीं खड़े होंगे। दोनों ओर पार्किंग पूरी तरह से अंडरग्राउंड बनाई जाएगी। वहीं दोनों ओर थ्रू लेन भी रहेंगे। जिससे यात्री को छोड़ कर वाहन घूमकर बाहर निकल सकें। 

मेट्रो से  करेंगे कनेक्ट

सेंट्रल को सीधे मेट्रो से कनेक्ट किया जाएगा। जिससे यात्री ट्रेन से उतर कर मेट्रो सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी देने की योजना है, ताकि यात्रियों को बाहर नहीं निकलना पड़े और मेट्रो से यात्री सेंट्रल और सेंट्रल से मेट्रो स्टेशन पहुंच सकें। 

सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास के लिए एजेंसी नामित हो चुकी है। मार्च के अंत तक इसके लिए काम शुरू हो जाएगा। एक वर्ष में बदलाव लाने की योजना है। इस दौरान कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा। सेंट्रल को नया स्वरूप मिलने से घंटाघर साइड की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।- आशुतोष सिंह, निदेशक, कानपुर सेंट्रल।

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