Farrukhabad: जिपं अध्यक्ष के साले, प्रधान के पति व दो सेवानिवृत्त सिपाही को आजीवन कारावास, 17 साल पहले की थी हत्या

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Farrukhabad News फर्रुखाबाद में कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा।

Farrukhabad News फर्रुखाबाद में जिपं अध्यक्ष के साले, प्रधान के पति व दो सेवानिवृत्त सिपाही को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। 17 साल पहले जमीन, प्रधानी व क्षेत्र पंचायत चुनाव की रंजिश में दिनदहाड़े हत्या कर दी थी।

फर्रुखाबाद,अमृत विचार। विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने 17 वर्ष पूर्व दिन दहाड़े गोली मार कर हत्या करने के मुकदमे में एटा के जिला पंचायत अध्यक्ष के साले, नदौरा की प्रधान के पति और पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के गनर रहे सेवानिवृत्त दो सिपाहियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि वसूल होने पर उसकी 50 प्रतिशत धनराशि मरने वाले ग्रामीण की पत्नी को देने का आदेश दिया है। 

मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नदौरा निवासी प्रभू सिंह की गांव के ही पूर्व सपा जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह से जमीन,  प्रधानी व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी। 24 दिसंबर 2005 को प्रभू सिंह का भतीजा केशव सिंह उर्फ घासीराम, दिनेश सिंह, पदम सिंह, तेजराम गेहूं की फसल में पानी लगाने गए थे। दिन में 11 बजे प्रभू सिंह की पत्नी अनेकश्री, दशरथ की पत्नी कौशल्या, मिनी बाबू खाना लेकर खेत पर गए। तभी दलगंजन सिंह का पुत्र, भतीजा, दलगंजन सिंह, उनके दो गनर व अन्य लोग असलहा लेकर खेत पर आए और गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर फायरिंग शुरू कर दी।

इससे परिवार के लोगों में भगदड़ मच गई। सभी लोग खेत से कुछ दूर बने एक कमरे में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया। सपा जिलाध्यक्ष के गनर ने पुलिस होने की बात कहकर दरवाजा खुलवाया। केशव सिंह ने जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला, वैसे ही उसकों गोली मार दी। इससे उसकी वहीं पर मौत हो गई। धमकी देकर चले गए। प्रभू सिंह ने गांव के रहने वाले सपा जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह, उनके पुत्र राजू उर्फ राजेश, भतीजे संजू उर्फ संजीव,  बंगाली उर्फ रघुवीर, बालकराम, उदय कुमार उर्फ भोला, इटावा के थाना बसरेहर के गांव खरपुरी निवासी गनर लक्ष्मी नारायण व गांव कोटा निवासी गनर सूरज पाल व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमा विचारण के दौरान सपा के जिलाध्यक्ष रहे दलगंजन सिंह की मृत्यु हो गई है और एक आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। सात के खिलाफ मुकदमे में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार कटियार  ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी उदय प्रताप उर्फ भोला, बालकराम, रघुवीर उर्फ बंगाली को साक्ष्य के अभाव में  शुक्रवार को दोषमुक्त कर दिया था।

संजू उर्फ संजीव, राजू उर्फ राजेश, सेवानिवृत्त गनर लक्ष्मी नारायन, सूरज पाल सिंह यादव को हत्या में दोषीपाकर जेल भेजा था। शनिवार को चारों को पुलिस ने सुरक्षा में जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने चारों को आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। संजू उर्फ संजीव कुमार एटा जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह यादव का साला है और राजू उर्फ राजेश कुमार नदौरा ग्राम पंचायत की प्रधान अनीता यादव का पति है।

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