बीएड प्रवेश परीक्षा में सोशल डिस्टेसिंग की उड़ी धज्जियां
लखनऊ, अमृत विचार। कोविड-19 के बढ़ते खतरे के बीच यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को राजधानी समेत प्रदेश के 73 जिलों में आयोजित हुई। लेकिन परीक्षा के दौरान पहली और दूसरी दोनो ही पालियों में केन्द्रों पर सोशल डिस्टेसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। केन्द्रों पर परीक्षार्थियों की जबरदस्त भीड़ को कंट्रोल करने के लिए इंतजाम …
लखनऊ, अमृत विचार। कोविड-19 के बढ़ते खतरे के बीच यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को राजधानी समेत प्रदेश के 73 जिलों में आयोजित हुई। लेकिन परीक्षा के दौरान पहली और दूसरी दोनो ही पालियों में केन्द्रों पर सोशल डिस्टेसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। केन्द्रों पर परीक्षार्थियों की जबरदस्त भीड़ को कंट्रोल करने के लिए इंतजाम नाकाफी थे।
हालांकि पहली पाली में अभ्यर्थियों की उपस्थिति लगभग 90 फीसदी से अधिक रही। केन्द्रों पर व्यवस्था को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से किए गये बड़े-बड़े दावे फेल साबित हुए। प्रथम पाली के दौरान डीएम अभिषेक प्रकाश शिया पीजी कॉलेज पहुंचे। जहां उन्होंने परिक्षार्थियों के सीटिंग अरेंजमेंट को देखा साथ ही उनसे किसी भी तरह की परेशानी के पूछा।
वहीं उन्होंने मॉनिटरिंग रूम में जाकर सारे कक्षाओं की व्यवस्था भी देखी। इसके साथ ही उन्होंने केकेसी कॉलेज का भी निरीक्षण किया। बता दें कि बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए राजधानी लखनऊ में 82 केंद्र बनाए गए थे। इस परीक्षा में करीब 30500 अभ्यर्थी शामिल होने थे।
सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने के लिए सात बजे से ही केंद्रों पर गहमागहमी शुरू हो गई थी। केंद्र पर सेटिंग प्लान देखने के दौरान ही केंद्रों पर उमड़ी भीड़ ने शारीरिक दूरी के मानक की खुलकर धज्जियां उड़ाई। यही हाल प्रदेश के अन्य जिलों का भी देखने को मिला। जिसमें प्रयागराज, मेरठ, गोंडा, कानपुर, हरदोई समेत कई ऐसे जिले रहें जहां से ऐसी तस्वीरें भी सामने आई जिमसें जबरदस्त परीक्षार्थियों की भीड़ देखने को मिली।
कोरोना के खौफ में दिखे परीक्षार्थी
कोविड-19 के दौर में आयोजित हुई बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों में कोरोना वायरस का जबरदस्त खौफ देखने को मिला। हर छात्र के हाथ में पेन पेंलिस के साथ सैनिटाइजर की सीसी भी देखने को मिली। अभ्यर्थियों ने लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि सरकार को कोरोना काल में परीक्षा नहीं करानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा हमारे कैरियर का सवाल है इसलिए हम जान जोखिम डालकर परीक्षा देने आये हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर व्यवस्था ठीक नहीं है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा देने के बाद हम कोरोना टेस्ट भी कराने जायेंगें। डीएवी इंटर कॉलेज के बाहर खड़े अधिकतर अभ्यर्थी 10-15 मिनट के अंतराल में हाथों को सैनिटाइज कर रहे थें।
कुछ बालिकाएं हाथ सैनिटाइज करने के बाद दस्ताने पहनकर केंद्र के अंदर जा रहीं थी। सभी मास्क लगाए हुए थीं। यही हाल राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय का था। कॉलेज में अभ्यर्थियों के प्रवेश के दौरान उनका प्रॉपर ट्रेम्प्रेचर चेक किया जा रहा था। प्रवेश द्वार पर ही बनी डेस्क पर सैनिटाइजर और मास्क रखे थे।
अलीगंज सुभाष चंन्द्र बोस इंटर कॉलेज था सबसे बड़ा केन्द्र
अलीगंज में सबसे बड़ा सेंटर सुभाष चंद्र बोस कालेज में बनाया गया। जहां सुबह करीब सात बजे से अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगने लगा था। पुलिस तैनात रही मगर शारीरिक दूरी के मानकों का पालन नहीं करवाया गया। यहां लगभग 850 विद्यार्थियों की परीक्षा हुई। सभी की अंदर जाने से पहले थर्मल स्कैनिंग कराई गई।
पुलिस ने अभ्यर्थी की केंद्र पर पहुंचने में मदद की
डीएवी इंटर कॉलेज केंद्र की अभ्यर्थी गलती से दीपाली डिग्री कॉलेज पहुंच गई थी। यंहा पहुंचकर उसे जानकारी हुई कि उसका डिग्री कॉलेज केंद्र में है। इस पर सिपाही प्रमोद कुमार यादव, अभिषेक कुमार यादव से उसे अपनी बाइक से आनन फानन इंटर कॉलेज केंद्र पर पहुंचाया।
लखनऊ, आगरा व प्रयागराज में अलर्ट रही एसटीएफ
बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2020 के दौरान रविवार को स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की कई टीमें सक्रिय रही। सॉल्वर गिरोह पर एसटीएफ की कड़ी रही। खासकर लखनऊ, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश की ओर से आगरा, प्रयागराज व कुछ अन्य बड़े शहरों में सॉल्वर गिरोह पर अतिरिक्त नजर रखने के निर्देश भी हैं। एसटीएफ मुख्यालय के अधिकारियों को मॉनीटरिंग में लगाया गया है। सूबे के 73 जिलों में रविवार को 10 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2020 आयोजित हुई।
वेब कास्टिंग से रखी गयी परीक्षार्थियों पर नजर
बीएड कोआर्डिनेटर प्रो. अमिता बाजपेयी ने बताया कि परीक्षा को बेहतर ढंग से कराने हर केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे के साथ आडियो रिकार्डिंग भी की गयी है। इसके अलावा राउटर की मदद से की परीक्षा की वेब-कास्टिंग करते हुये लखनऊ विश्वविद्यालय में बने कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग दिन भर जारी रही। परीक्षा के समय प्रत्येक परीक्षार्थी की पहचान के लिए डिस्पोजल स्ट्रिप से उसकी उंगुलियों के निशान भी लिये गये।
