अयोध्या: नहीं हुआ स्कूलों का रंग रोगन, लैप्स हो सकती है कम्पोजिट ग्रांट
अयोध्या, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालयों को संवारने व संसाधन जुटाने को प्रत्येक वर्ष कम्पोजिट ग्रांट मुहैया कराई जाती है। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार कम्पोजिट ग्रांट के बजट को खर्च करने में लापरवाही बरत रहे है। जिले में सैकड़ों विद्यालयों में अभी तक रंगाई-पुताई का काम तक नही कराया गया है। ऐसे में इन विद्यालयों की कम्पोजिट ग्रांट लैप्स होना स्वाभाविक है।
जिले के विद्यालयों में अगर 31 मार्च तक कम्पोजिट ग्रांट खर्च नहीं की गई तो यह स्वतः ही लैप्स हो जायेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से लगातार विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जाता रहा है। इसके बाद भी अभी तक कम्पोजिट ग्रांट की धनराशि खर्च नहीं हो सकी है।
वर्ष 2022 में जिले को पांच करोड़ 80 लाख की शासन की ओर से कम्पोजिट ग्रांट मुहैया कराई गई थी। जिसके सापेक्ष अभी तक मात्र दो करोड़ रुपये ही खर्च हो सके हैं। अब आशंका है कि 15 मार्च से पहले धनराशि नहीं खर्च हुई तो शेष धनराशि एक करोड़ 80 लाख रुपये लैप्स हो सकते हैं।
बता दें कि शासन प्रत्येक वर्ष रंग रोगन, मरम्मत, शिक्षण सामग्री, स्वच्छता आदि के लिए कम्पोजिट ग्रांट मुहैया कराता है। लेकिन इसके बाद भी विद्यालयों की स्थिति ठीक नहीं है।अभी भी सैकड़ों विद्यालयों की कम्पोजिट ग्रांट का लाखों का बजट डंप पड़ा है। लेकिन इसके उपयोग को कोई आगे नहीं आ रहा है।
कई प्रधानाध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कम्पोजिट ग्रांट का रुपया निकालने और इसको खर्च करने में बड़ी अड़चनें हैं। ऑनलाइन सिस्टम के कारण बहुत दिक्कत होती है। इसलिए स्कूल के जिम्मेदार इससे बचते रहते हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि वह कम्पोजिट ग्रांट का बजट सही से उपयोग करना सुनिश्चित कराएं।
