हरि बाजी मुरलिया तुम्हारी, जुलुम होईगा भारी... शाहपुर लपटा में आयोजित हुआ फागुवा गीत

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मोतिगरपुर, सुलतानपुर। 21वीं सदी में फाग गीत जहां बिलुप्त होता जा रहा है, वहीं मंगलवार को यहां आयोजित फाग गीतों ने लोगों का मन मोह लिया। बारामासी फागुवा गायन कार्यक्रम में फागुवा टोली ने ढोलक, मजीरा की थाप पर बालम बिन राम, बालम बिन राम, बालम बिन सुनी सेजरिया जैसे मनमोहक फागुवा गीतों से लोगों को खूब आनंदित किया। 

मंगलवार को गौरा गांव के बड़े लाल तिवारी के संयोजन में शाहपुर लपटा में फगुआ, डेढ़ ताल, चौताल, बेलवईया आदि बारामासा गीतों को प्रस्तुत किया गया। मलवा, जयसिंहपुर, कैथवारा, गौरा, शाहपुर लपटा फागुवारों की टोली ने पपिहा बसंत ऋतु आया, भारत में नया रंग छाया, सन्देशा लाया,  उड़ जा पंछी जहां हरि प्यारे, बैठ के कौन अमवा के डारे, पिया पिया गोहराना, जामुना तट कदम की डारी, हरि बाजी मुरलिया तुम्हारी, जुलुम होईगा भारी आदि फागुवा गीतों का लोगों ने आनंद लिया। 

बडेलाल तिवारी ने बताया बचपन में फागुन मास से घर घर, गांव गांव में फगुवारों की टोली फागुवा गीत प्रस्तुत करती थी। अब प्रथा बिलुप्त होती जा रही है। युवा पीढ़ी को पुरानी परंपरा कायम करना होगा। जिससे आपस में परस्पर प्रेम बढ़े। कार्यक्रम में डॉ अम्बरीश तिवारी, अपूर्व मंगलम, शंकर दयाल सिंह, अवधेश सिंह,शिव शंकर पांडेय, राम प्रताप शुक्ल, सुनील दुबे, योगेश सिंह, संजय सिंह, खुशी आदि रहे।

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