Kanpur : हैलो अमृत विचार कार्यक्रम ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अनिल जैन बोलें- गाल ब्लैडर की पथरी गलाने की कोई दवा नहीं
कानपुर में हैलो अमृत कार्यक्रम में डॉक्टर ने लोगों के सवालों के दिए जवाब।
कानपुर में हैलो अमृत विचार कार्यक्रम में यूरोलॉजिस्ट एन्ड ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अनिल जैन ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि गाल ब्लैडर की पथरी गलाने की कोई दवा नहीं।
कानपुर, अमृत विचार। पथरी को गलाने की दुनिया में कोई दवा नहीं है। गाल ब्लैडर से तो बाहर निकलने का तो कोई रास्ता नहीं होता है। यह असंभव है। बीजयुक्त फलों से भी पथरी नहीं होती। समाज में कुछ लोगों ने यह भ्रम फैलाया है। पांच एमएम से बड़ी पथरी को सिर्फ ऑपरेशन से बाहर निकाला जा सकता है। यह बातें मंगलवार को हैलो अमृत विचार कार्यक्रम में नोबल सुपरस्पेशलिस्ट अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट एंड ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अनिल जैन ने लोगों को बताईं। इसदौरान कई जिलों से लोगों ने फोन पर अपने सवाल पूछे और जवाब पाकर संतुष्ठ हुए…
• मेरी रिलेटिव को गाल ब्लैडर में स्टोन है। पेन बहुत होता है। क्या दवाओं से सही नहीं होगा।- कोमल अग्रवाल, कैंट
गाल ब्लैडर के स्टोन को दवाओं से नहीं निकाला जा सकता है। इसके लिए ऑपरेशन करना जरूरी है। यह असंतुलित खाने की वजह से होता है। समाज में स्टोन को लेकर कई भ्रम है।
• 8.5 एमएम की दो स्टोन है। एलोपैथी, होम्योपैथी की दवा खाई। इससे साइज तो कम हो जाता है। लेकिन फिर से बढ़ जा रहा है। आराम नहीं मिल रहा है।- मनोज रावत, शुक्लागंज
आपको ऑपरेशन करवाना ही पड़ेगा। क्योंकि 5 एमएम से बड़ी पथरी पेशाब के रास्ते नहीं निकलेगी। चाहे किसी भी पैथी की दवा खा लें सही नहीं होगा।
• पेशाब खुलकर नहीं हो रही है। चार महीने से दिक्कत हो रही है। बुखार भी काफी दिन रहा है।- अजीत कुमार, फर्रुखाबाद
प्रोस्टेस का साइज बढ़ने व मूत्र की नली के सकरापन से ऐसी समस्या होती है। परमानेंट इलाज के लिए ऑपरेशन जरूरी है। लेकिन, एक बार फिर से जांच करा लें। आपकी दिक्कत सही हो जाएगी।
• गाल ब्लैडर में स्टोन है, कई बार दर्द करता है। क्या करें।- आफरीन फारुकी – शुक्लागंज
गाल ब्लैडर के स्टोन को सही समय निकलवा लेना चाहिए नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होते हैं। कई बार लीवर में कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है।
• ट्वॉयलेट में ब्लड आया है। मूत्र के रास्ते में कुछ फंसा-फंसा सा लगता है। क्या पथरी है मुझे।- अनुभव मिश्रा, फर्रुखाबाद
यह संभावना हो सकती है कि पथरी का कोई टुकड़ा मूत्र के रास्ते में फंस गया हो। हालांकि, जांच करा लें जिसके बाद इलाज होगा।
• मैं टीचर हूं, यूरिन रुक-रुककर होती है। यह समस्या तीन महीने से है। दिन में कई बार शौचालय जाना पड़ता है।- अनुराग सिंह, शुक्लागंज
आप एकबार जांच करा लें, पानी ज्यादा पीने की जरूरत नहीं है। इसके बाद ही आपकी समस्या का इलाज किया जा सकता है।
• यूरिन के पास हमेशा दर्द बना रहता है। डॉक्टर से दवा ली है लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा है।- शरद, शुक्लागंज
यूरोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें और एक बार जांच करा लें। इसके बाद ही आपकी समस्या को सही से समझा जा सकता है।
• पित्ताशय में तीन एमएम की पथरी है। क्या करें।- उमंग बाजपेई, फतेहपुर
दवा से छोटी पथरी तो मूत्र के रास्ते निकल जाती है। लेकिन पांच एमएम से बड़ी पथरी के लिए ऑपरेशन कराना जरूरी है। दूरबीन पद्धति से आसानी से इसे बाहर निकाला जाता है। सिर्फ दो दिन ही अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।
इनकी भी आई कॉल्स
राजेश कुमार फतेहपुर, मो. शाहिद शुक्लागंज, जितेंद्र बांगरमऊ उन्नाव, नितिन औरैया, महेश दीक्षित आजाद नगर, शुभम कलयाणपुर, राम खिलावन औरैया, राजू दिवाकर बिल्हौर।
