मेरठ: तालाब पर सालों से था कब्जा, अवैध कमरों पर गरजा प्रशासन का महाबली

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मेरठ, अमृत विचार। मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर में तालाब की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए कमरों पर प्रशासन का महाबली गरजा। कई बार नोटिस देने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया।

ये भी पढे़ं- मेरठ में सड़क पर नाच रहे बारातियों को तेज रफ्तार कार ने कुचला, तीन की मौत 

सरधना तहसील के नायाब तहसीलदार जतिन गोस्वामी ने बताया कि जमालपुर गांव में सरकारी तालाब पर कुछ कब्जाधारियों ने सालों से कब्जा किया हुआ था। सभी को तहसीलदार न्यायालय से बेदखली के आदेश थे। जुलाई 2022 में कब्जा मुक्त कराया था। जिसके, बाद फिर से कब्जा हुआ तो चेतावनी देकर कब्जा हटाने के लिए कह दिया गया था। लेकिन, कब्जाधारी नही माने। जिसके बाद लगभग तीन पक्के कमरों का निर्माण किया और पशु बांधे जाने लगे। गुरुवार को सरधना तहसील की टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची। प्रशासन के बुल्डोजर ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करते हुए सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया। कब्जाधारियों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक नहीं चली। चेतावनी दी कि यदि दोबारा कब्जा किया तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

ये भी पढे़ं- मेरठ : पानी के टैंकर ने बाइक सवार मजदूरों को कुचला, दो की मौत, एक घायल

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता