सांडी के कादिर का कद्रदान हुआ ISRO, दिव्यांगता को मात देकर बने Scientist
हरदोई, अमृत विचार। साण्डी के अब्दुल कादिर ने दिव्यांग होने के बावजूद अपनी हिम्मत और मेहनत से अपने लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन, इसरो में जगह बना ली है। देश में अंतरिक्ष के लिए काम करने वाली सर्वोच्च संस्था इसरो मे वैज्ञानिक चयनित होने वाले अब्दुल कादिर के घर और बाहर जश्न मनाया जा रहा है। हर किसी का कहना है कि इसरो भी कादिर की हिम्मत और मेहनत का कद्रदान बन गया।
बताया गया है कि साण्डी कस्बे के मोहल्ला मीठा कुआं निवासी अब्दुल कादिर पुत्र इज़हारुल हक ने देश की अंतरिक्ष संस्था इसरो में चयनित होकर अपने घर-परिवार का ही नहीं बल्कि ज़िले और प्रदेश के साथ-साथ देश का नाम रोशन किया है। अब्दुल कादिर की इस बुलंदी पर हर कोई झूम उठा है। घर के अलावा बाहर भी जश्न का माहौल बना हुआ है। हर कोई कादिर की इस कामयाबी पर नाज़ कर रहा है।
अब्दुल कादिर का कहना कि बचपन से ही उसने देश की सेवा करने का ख्वाब देखा थी,वही ख्वाब अब पूरा हुआ है। इसरो में चयनित हुए अब्दुल कादिर के अंदर खुशी का ठिकाना नही रहा।अब वह देश की सेवा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।अब्दुल कादिर का कहना है कि उसकी इस तरह की कामयाबी मे उसके अपने घर वालों और गुरु जी का हाथ है। इसरो में चयन होने के बाद ही कादिर का नाम केंद्रीय रिफाइनरी में भी आ गया है एक साथ दो-दो खुशियां मिलने पर कादिर के घरवाले फूले नहीं समा रहे हैं। कादिर रिफाइनरी की नौकरी न कर इसरो की सेवा में जाना चाहता है।
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