Kanpur Dehat Fire : मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत पर रातभर चला बवाल, नहीं उठने दिए शव, CM को बुलाने की मांग
Kanpur Dehat Fire कानपुर देहात के रूरा में मां-बेटी की मौत पर परिजनों ने नहीं उठने दिए शव।
Kanpur Dehat Fire कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में अतिक्रमण हटवाने के दौरान झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने मंगलवार सुबह तक शव नहीं उठने दिए। परिजन सीएम, डिप्टी सीएम को बुलाने व मुआवजा की मांग कर रहे।
कानपुर देहात, अमृत विचार। Kanpur Dehat Fire मड़ौली गांव में अवैध अतिक्रमण हटवाने के दौरान संदिग्ध हालात में झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत के मामले में पूरी रात हंगामा चला। परिजनों ने सरकारी नौकरी, पांच-पांच बीघा जमीन, मुआवजा, मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री के मौके पर आने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मंगलवार दोपहर तक शव नहीं उठने दिया। एडीजी, मंडलायुक्त, आईजी, एसपी समेत अन्य अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे।
रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव निवासी कुछ लोगों ने सोमवार को गांव के कृष्ण गोपाल दीक्षित पर सरकारी जमीन में अवैध कब्जा करने व मंदिर बनवाने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। मामले में डीएम ने एडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दोपहर को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार, रूरा थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटवाने मड़ौली गांव पहुंचे।
जिस पर कब्जेदार कृष्णगोपाल, उसकी पत्नी व अन्य परिजनों से झड़प हो गई। इसी दौरान संदिग्ध हालात में झोपड़ी में आग लग गई। जिससे प्रमिला देवी (55) व उनकी बेटी नेहा दीक्षित (23) की जिंदा जलकर झोपड़ी में ही मौत हो गई। वहीं पास बंधी 23 बकरियों की भी जलकर मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने राजस्व व पुलिस कर्मियों को खदेड़ दिया था।
मृतका के पिता व पुत्र ने विपक्षियों समेत तहसील अधिकारियों, लेखपाल व पुलिस कर्मियों पर झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया था। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बनने पर एडीजी आलोक कुमार, मंडलायुक्त राजशेखर, आईजी कानपुर प्रशांत कुमार, एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एएसपी घनश्याम चैरसिया मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को समझाया था, लेकिन परिजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर अड़े रहे।
देर रात तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज होने पर परिजनों ने मृतका के दोनों बेटों के नाम पांच-पांच बीघा जमीन, सरकारी नौकरी, पांच-पांच करोड़ मुआवजा समेत मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री के मौके पर आने की मांग कर शव नहीं उठने दिया। अफसर पूरी रात समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन मांग पूरी न होने के चलते मंगलवार दोपहर तक शव गांव में ही रखा रहा और ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला।
एसडीएम मैथा, एसओ रूरा समेत 39 पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज
ग्रामीणों के आक्रोश व राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के हस्तक्षेप पर मृतका के बेटे शिवम दीक्षित ने एसपी को तहरीर दी। जिसके बाद गांव निवासी अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, निर्मल दीक्षित, विशाल, एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, जेसीबी चालक दीपक, लेखपाल मड़ौली अशोक सिंह, अज्ञात कानूनगो, तीन अन्य अज्ञात लेखपाल, रूरा एसओ दिनेश कुमार गौतम, 12 से 15 महिला व पुरुष पुलिस कर्मी, 10 से 12 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आगजनी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मैथा चैकी में कार्यकर्ताओं संग बैठाए गए सपा जिलाध्यक्ष
मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत पर मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव, पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर, पूर्व विधायक राम प्रकाश कुशवाहा, पूर्व ब्लाक प्रमुख वेदव्यास निराला, जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह, बलवान सिंह, जिला सचिव रामचंद्र सिंह यादव समेत अन्य पदाधिकारी मड़ौली गांव जा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस चैकन्ना हो गई। गांव जाते समय सपा जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं संग रास्ते में रोक लिया गया। चैकी इंचार्ज राकेश बहादुर सभी को मैथा पुलिस चैकी ले गई और वहां पर बैठाए रखा।
लेखपाल व जेसीबी चालक को पुलिस ने हिरासत में लिया
मड़ौली गांव में अतिक्रमण हटवाने के दौरान मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत के मामले में पुलिस ने नामजद हत्यारोपी लेखपाल मड़ौली अशोक सिंह व जेसीबी चालक दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि आरोपियों को अभी कहां रखा गया है। इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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