संभल : पुलिस मुठभेड़ में 50,000 का इनामी गिरफ्तार, बदमाश को लगी गोली, सिपाही भी घायल
संभल, अमृत विचार। असमोली थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई मुठभेड़ में 50,000 रुपये का इनामी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। बदमाश की फायरिंग में एक सिपाही भी जख्मी हुआ है । बदमाश के पास से बाइक, तमंचा व कारतूस मिले हैं। मुठभेड़ की सूचना पर एसपी चक्रेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे।
बारह से ज्यादा वारदातों में शामिल रहे ऐंचोड़ा कम्बोह क्षेत्र में नहरोली गांव निवासी रिजवान को संभल व मुरादाबाद जनपद की पुलिस काफी समय से तलाश रही थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था। डीआईजी मुरादाबाद शलभ माथुर ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि रिजवान असमोली थाना क्षेत्र में देखा गया है, वह बाइक पर सवार होकर संभल की तरफ जा रहा है। इस सूचना के बाद असमोली थाना प्रभारी संजय कुमार व एसओजी टीम उसकी तलाश में जुट गई। सैदपुर जसकौली के पास पुलिस टीम का रिजवान से आमना सामना हुआ। पुलिस ने बाइक रुकवाने का प्रयास किया तो रिजवान ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बदमाश की गोली से हेड कांस्टेबल मोक्षेन्द्र घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने गोली चलाई तो रिजवान के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसको पकड़ लिया। घायल हेड कांस्टेबल व बदमाश को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ की सूचना पर पहुंचे एसपी व अन्य पुलिस अधिकारी
संभल। असमोली थाना क्षेत्र में बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ की सूचना मिली तो सीओ संतोष कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र व पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने घटना को लेकर अधीनस्थों से जानकारी ली। बदमाश के अन्य साथी होने के अंदेशे में क्षेत्र में कांबिंग भी की गई।
तीन जिलों में था सक्रिय,13 मुकदमे हैं दर्ज
संभल। पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया बदमाश संभल के असमोली व मुरादाबाद जनपद के मैनाठेर थाने पर दर्ज मामलों में फरार चल रहा था। चोरी, वाहन चोरी व हत्या जैसे अपराधों में लिप्त रहा रिजवान संभल, मुरादाबाद व अमरोहा में भी अपराध करता था। उसके खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से आठ मुकदमे अमरोहा जनपद के थानों में है। इसके अलावा तीन मुकदमे संभल और दो मुकदमे मुरादाबाद के थानों में दर्ज हैं।
ये भी पढ़ें : संभल : सजा सुनते ही टूटी आसिफ व जफर के परिजनों की आस, सात साल से तिहाड़ जेल में बंद थे दोनों
