बरेली: घर पर आओ... कर दूंगा सारा भुगतान, ठेकेदार की पत्नी से निगम के अधिशासी अभियंता ने की बदतमीजी
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के ठेकेदार के बीमार होने पर उसके इलाज के लिए लंबित भुगतान के रुपए मांगने गई ठेकेदार की पत्नी के साथ नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने बदतमीजी की। भुगतान कराने के बदले उन्हें अपने घर पर आने को कहा। बात न मानने पर महिला को नगर नगर निगम से भगा दिया। महिला ने इस मामले में महिला आयोग से शिकायत कर अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
थाना इज्जनतनागर के वीर सावरकर नगर निवासी दीपक गुप्ता नगर निगम में डी श्रेणी के ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी अर्चना गुप्ता ने बताया कि उनके पति दीपक गुप्ता को पिछले 1 साल से हार्ट मे दिक्कत चल रही है। उन्होंने अपने पति को पिछले वर्ष दिनांक 2 अगस्त 2022 को सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया था। इलाज के लिए उन्हें रुपए की आवश्यकता थी। इसलिए वह अपने पति के लंबित भुगतान के संबंध में नगर निगम के अधिशासी अभियंता से मिलने गई और उनसे कुछ फाइलों का भुगतान करने का आग्रह किया। अधिशासी अभियंता के द्वारा फाइलों का भुगतान नहीं किया गया और उन के द्वारा कई बार आग्रह करने पर अधिशासी अभियंता के द्वारा फाइलों के भुगतान करने के एवज में रुपए की डिमांड की गई ।
उन्होंने उनको अपने पति की बीमारी का हवाला देकर कहा कि उनके पास पैसे नहीं है इसीलिए मैं आपके पास भुगतान को आ रही हूं। मैं आपको पैसे कहां से दे दूं। इस पर अधिशासी अभियंता द्वारा मुझसे कहा गया कि तुम मेरी बात मान लोगी तो मैं तुम्हारी सारी फाइलों का भुगतान करा दूंगा। उन्होंने पूछा कि सर क्या बात माननी होगी तो अवर अभियंता ने कहा कि तुम शाम को मेरे घर पर आ जाना वहां तुम्हारी सारी समस्याओं का समाधान निकाल लिया जाएगा। जिसका उन्होंने विरोध किया तो अधिशासी अभियंता नाराज हो गए और गालियां देते हुए बोले कि तू शिकायत कर के अपना पेमेंट करा ले जब तक मैं नहीं चाहूंगा तब तक तुम्हारा एक भी भुगतान नहीं होगा।
इसलिए मेरी बात मान लो नहीं तो तुम्हारे पति के सारे पेमेंट रुकवा दूंगा। इसके बाद में काफी परेशान हो गई। जाने के बाद कहीं से पैसे का इंतजाम कर अपने पति का इलाज करवाया। उन्होंने कहा कि मेरे पति की छुट्टी होकर जब वह वापस घर आए तो वह नगर निगम के अधिशासी अभियंता से मिलने गए। नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने वैसा ही किया जैसा उन्होंने कहा था। उन्होंने मेरी पति की एक फाइल पर ₹3,50,000 रोक दी।
जिससे उनके पति काफी तनाव में आ गए। जिसके बाद उनके पति ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में कर दी। तब से अधिशासी अभियंता लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं कि हम फैसला कर लें और फैसला ना करने पर सारे पेमेंट रोक कर बर्बाद करने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले में आज अर्चना गुप्ता ने महिला आयोग से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
