रायबरेली: स्वरोजगार के लिए बनी सरस हाट में नहीं खुली दुकानें, चोरी हो गए शटर

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Edited By Amrit Vichar
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भदोखर (रायबरेली)अमृत विचार। गांव में छोटे व्यवसाय के द्वारा गरीब लोगों को स्वावलंबी बनाने की सरकारी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। गरीबों के लिए बनाए गए सरस हाट बदहाल हो गए ,लेकिन आवंटित लाभार्थियों ने आज तक दुकानें नहीं खोली हैं। शासन ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत विभिन्न कार्यक्रमों को चलाकर गांव के गरीब लोगों को रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया गया था।

इस योजना उद्देश्य था कि  गांव के लोगों को रोजगार के लिए इधर उधर भटकना न पड़े उन्हें आस पास स्वरोजगार मिले। कुछ इसी मंशा को ध्यान में रखकर सरस हाट का शुभारंभ हुआ। हाट तो जरूर बन गया।कागज पर दुकानें भी ग्रामीणों को आवंटित कर दी गई। लेकिन उन्हें स्वरोजगार नहीं मिला। सन  2011में कुचरिया गांव में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत सरस हाट का निर्माण किया गया। जिसमें कुल 20 दुकानें  और एक टीन शेड का निर्माण हुआ।

जिसमें अच्छी खासी धनराशि खर्च हुई। कागज पर सभी दुकानें ग्रामीणों को आवंटित कर दी गयी। उस समय  ग्रामीणों में आस जगी कि अब उनकी बेरोजगारी दूर हो जाएगी। लेकिन हकीकत इसके उल्ट रही। आवंटित की गई एक दिन भी कोईदुकान नहीं खोली गई। इसका कारण यह रहा कि वहां पर उपभोक्ताओं की कमी थी। इसलिए लाभार्थियों ने अपने रोजगार को आरंभ करना मुनासिब नहीं समझा।

दूसरी ओर जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते सरस हाट बदहाल हो गया है। कई दुकानों के शटर गायब हो गए हैं। बाउंड्री वॉल गिरी हुई है।गेट का पता नहीं है। कुछ दुकानों में तो लोगों ने कबाड़ भर रखा है। ग्राम पंचायत अधिकारी सुधीर कुमार का कहना है कि मेरी तैनाती के पहले से ही सरस हाट बदहाल है।एडीओ पंचायत सईद अहमद का कहना कि सरस हाट क्यों बदहाल है, जांच कराई जाएगी।

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