जर्मनी के रिसर्चर साइकिल से पहुंचे बहराइच के कतर्नियाघाट, 12 देशों की यात्रा पर निकले है शोधकर्ता
बहराइच, अमृत विचार। कतर्निया वन्यजीव प्रभाग की सुंदरता का कोई जवाब नहीं है इसलिए यहां जो भी आता है इसकी प्रशंसा किये बिना नहीं जाता। शुक्रवार को जर्मनी से साइकिल यात्रा कर कर्तनिया वन्यजीव प्रभाग पहुंचे। शोधकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण मुहिम पर काम कर रहे लोगों से मुलाकात कर उन्हें जैवविविधता सम्बंधी स्टीकर भी दिये।
जर्मनी की रहने वाली हन्ना तथा जर्मनी निवासी जोनस वाइल्ड लाइफ पर शोध कर रहे है। अपने शोध कार्य को जमीनी स्तर से जुड़ कर करने हेतु हन्ना एंव जोनस ने 9 माह पूर्व 'बाइकिंग फार बायो डाइवर्सिटी' नाम से 12 देशो के भ्रमण हेतु साइकिल यात्रा शुरु की। अपनी इस लम्बी दूरी की साइकिल यात्रा में अबतक 10 देशों की यात्रा पूरी कर चुके हैं।

भारत पहुंचे कर यहां उन्होने वाइल्ड लाइफ स्कालर जावेद अनवर से मुलाकात की। जावेद कर्तनिया प्रभाग अंर्तगत मिहींपुरवा कस्बे के रहने वाले हैं। इन्होने साउथ अफ्रीका में रहकर वाइल्ड लाइफ पर काफी शोध किया है। शोध कार्य के दौरान ही जावेद की जोसेफ और हन्ना से मुलाकात हुई थी।
अपनी साइकिल यात्रा के दौरान जर्मनी के इन शोधकर्ताओं ने जावेद के साथ यहां के जंगलो का भ्रमण किया। भारत के बाद नेपाल होते हुये ये दोनो स्कालर अपनी यात्रा पूरी करेंगे फिर नेपाल से वापस अपने देश जर्मनी लौट जायेंगे।
'बाइकिंग फार बायो डाइवर्सिटी' यात्रा के दौरान कर्तनिया प्रभाग पहुंचे दोनो शोधकर्ताओं ने कर्तनिया के प्राकृतिक वातावरण एंव यहां की। जैव विविधता की खुल के तारीफ की उन्होने कहा कि कर्तनिया वास्तव में अत्यंत महत्वपूर्ण है यहां उन्होने जितना सोचा था उससे भी अधिक देखने को मिला।
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