मुरादाबाद : सातवें इमाम मूसा काजिम अलेही सलाम की शहादत पर हुई मजलिस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद। शहर के आजाद नगर स्थित इमामबारगाह में शियाओं के सातवें इमाम मूसा काजिम अलेही सलाम की शहादत पर मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें इमाम मूसा काजिम का शबीहे ताबूत बरामद हुआ। जिसके बाद आजादरों ने इमाम मूसा काजिम अलेही सलाम को गमगीन माहौल मे मातम नौहा ख्वानी और सीनाजनी कर इमाम को पुरसा दिया। 

मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैयद हसन मुज्ताबा ने कहा कि हजरत इमाम मूसा अलेही सलाम की शहादत 25 रजब को हुई थी। इसलिए शिया धर्म के लोग अपने सातवें इमाम हजरत मूसा अलैहिस्सलाम की शहादत का गम मनाते हैं और इमामबारगाह मे मजलिस का आयोजन कर शबीहे ताबूत  बरामद करते हैं।  उन्होंने कहा कि इमाम को बादशाह है वक्त ने बेजुर्मओ खता कैद खाने में डाल दिया था और उनका अधिकतर जीवन कैद खाने में ही व्यतीत हुआ था। 

बादशाह ने इमाम पर बहुत ज्यादा जुल्म सितम किए, लेकिन इमाम ने दीन-ए-इस्लाम के रास्ते पर चलकर जुल्मों के आगे सर नहीं झुकाया बल्कि दीन ए इस्लाम को फरोग दिया। हजरत इमाम मूसा अलैहिस्सलाम पर हुए जुल्म सितम सुनकर आजादरो की आंखों में आँसू बहने लगे और मजलिस के बाद इमाम का शबीहे ताबूत बरामद हुआ। आजादरो ने ताबूत की जियारत कर नोहा ख्वानी मातम सीनाजनी किया। इस दौरान या हुसैन या हुसैन, या अब्बास या अब्बास की सदाएं बुलंद की गई। प्रोग्राम के आखिर में मौलाना ने मुल्क की तरक्की और अमन ओ अमान की दुआ कराई।

ये भी पढ़ें :  मुरादाबाद : कहानियों की कड़ियों में कातिल तलाश रही पुलिस, सीए के 50 से अधिक करीबियों से की पूछताछ

संबंधित समाचार