बरेली: भगवा रंग की आड़ में गोलमाल... सबसे ज्यादा अवैध साइन बोर्ड मंत्री के क्षेत्र में
बरेली, अमृत विचार। कुछ समय पहले ब्लॉक प्रमुखों के दबाव में ग्राम पंचायतों में महिला समूहों के बजाय चहेते ठेकेदारों के जरिए सीआईबी (सिटिजन इनफार्मेशन बोर्ड) बनवाने का मामला तूल पकड़ा था, अब ग्राम पंचायतों में अवैध रेडियम रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगवाकर लाखों की सरकारी रकम फूंक देने के पीछे भी सियासी दखलंदाजी सामने आई है। दिलचस्प यह है कि ये बोर्ड न सिर्फ भगवा रंग से बनवाए गए हैं, बल्कि सबसे ज्यादा बोर्ड पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के क्षेत्र के मझगवां ब्लॉक में लगाए गए हैं।
अफसरों के मुताबिक 80 से ज्यादा अवैध बोर्ड मझगवां ब्लॉक की ही ग्राम पंचायतों में लगे हैं। इसके बाद दूसरा नंबर क्यारा ब्लॉक का है। एक तो ये साइन बोर्ड शासन के नियमों के खिलाफ लगवाए गए हैं, दूसरे एक ही फर्म को उनका ठेका देकर उनका मूल्य भी काफी ज्यादा चुकाया गया है। इस गोलमाल में ब्लॉकों के एडीओ पंचायत पर भी उंगली उठ रही है क्योंकि उनकी सहमति के बगैर सरकारी पैसे का गोलमाल संभव नहीं है। रविवार को अमृत विचार में इस गोलमाल के खुलासे के बाद छानबीन की जा रही है कि ग्राम पंचायतों में ये बोर्ड किसके इशारे पर लगाए गए।
बता दें कि जिले के ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद, मझगवां और क्यारा की तमाम ग्राम पंचायतों में शासन की गाइड लाइन को दरकिनार कर साइन बोर्ड लगवाए गएहैं। विभागीय अधिकारी खुद मान रहे हैं कि ग्राम निधि की धनराशि से साइन बोर्ड लगवाने का कोई प्रावधान नहीं है। बताया जा रहा है कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों पर सियासी दबाव के बाद साइन बोर्ड लगवाकर डेढ़ सौ ग्राम पंचायतों में 50 लाख रुपये से ज्यादा सरकारी रकम फूंक दी गई। ग्रामीणों ने पिछले दिनों सीडीओ और डीपीआरओ कार्यालय में इस गोलमाल की शिकायत की थी।
ग्राम पंचायतों में अवैध रेडियम रिफलेक्टिव साइन बोर्ड किसके इशारे पर लगे, इसकी जांच कराई जा रही है। एडीओ पंचायत को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। किन-किन ग्राम पंचायतों से ग्राम निधि से इसका भुगतान किया गया, इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -धमेंद्र कुमार, डीपीआरओ
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