अयोध्या: मिड-डे-मील पर छाए संकट के बादल, सात माह से नहीं है बजट 

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Edited By Amrit Vichar
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1792 स्कूलों में कभी भी ठप हो सकता है मध्याह्न भोजन, जैसे-तैसे चल रहा काम 

अयोध्या, अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील दिया जाता है। इसके लिए शासन से धनराशि दी जाती है लेकिन पिछले 7 महीने से बजट न आने के कारण अब मिड-डे मील पर संकट के बादल छाने लगे हैं।

प्रधानाध्यापकों की समस्या यह है कि वे कब तब अपने पास से मिड-डे-मील खिलाएं, सात महीने से कन्वर्जन कास्ट का एक रुपया भी नहीं मिला है। प्राथमिक शिक्षक संघ पहले ही यह चेतावनी दे चुका है कि 25 फरवरी तक मिड-डे-मील की कन्वर्जन कास्ट का भुगतान नहीं हुआ तो मिड-डे-मील बंद हो सकता है।
 
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में जून तक के मिड -डे-मील की रकम का भुगतान तो कर दिया गया था। उसके बाद से 7 महीने से मिड डे मील की रकम का भुगतान नहीं किया गया है। इस सात महीनों से शिक्षक अपने पास से बच्चों को मिड-डे मील खिला रहे हैं। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1792 विद्यालय हैं इनमें प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को स्कूलों में मिड-डे-मील दिया जाता है। मिड -डे मील के साथ दूध और फल भी दिए जाते हैं। हालांकि इसकी रकम विभाग की ओर से दी जानी है लेकिन भुगतान में लेटलतीफी के चलते प्रधानाध्यापक परेशान हैं। उन्हे अपने वेतन में से ही यह व्यवस्था करनी पड़ रही है। शासन की ओर से मिड-डे-मील की जो व्यवस्था की गई है उसके मुताबिक मिड-डे-मील तो रोज ही दिया जाना है। 

आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने कहा है कि सात महीने से कन्वर्जन कास्ट का भुगतान न होने से शिक्षक परेशान हैं। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि बजट मांगा गया है, शीघ्र ही प्राप्त हो जायेगा। उन्होंने बताया कि यहीं नहीं पूरे प्रदेश में बजट निर्गत नहीं हुआ है। कनवर्जन कास्ट छात्र संख्या के आधार पर मिलती है।

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