सुल्तानपुर: डूबे पैसे मिलने की आस में तहसील पर उमड़ी भीड़, जानें क्या है मामला
पीड़ित जमाकर्ता पैसा पाने के लिए जमा कर रहे हैं फार्म
जयसिंहपुर/ सुल्तानपुर, अमृत विचार। देश व प्रदेश के विभिन्न शहरों से रजिस्ट्रेशन करा अलग-अलग दर्जनों कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच स्थानीय लोगों को कमीशन का लालच देकर अपना एजेंट बनाया। ग्रामीण क्षेत्रों की भोली भाली जनता को ज्यादा लालच देकर उनकी जमा पूंजी अपनी कंपनी में जमा करवा लिया। जब पैसे वापस देने की बात आयी तो कंपनियो ने अपने कार्यालय में ताला लगा दिया।
जमा पूंजी वापस न मिलने पर जमाकर्ताओं ने एंजेंटो का घर घेरने लगे। परेशान एंजेट घर छोड़ने को मजबूर हैं। वहीं, ग्रामीणों की जमा पूंजी डूबने के कगार पर है। लोगों ने सरकार से पैसा कंपनियों से दिलाने की मांग पर सरकार द्वारा जमाकर्ताओं से फार्म लिए जा रहे हैं। सोमवार को जयसिंहपुर तहसील में शासन के निर्देश पर पीड़ित जमाकर्ताओं के फार्म जमा किया जाना शुरू हो गया तो सैकड़ों की संख्या में पीड़ित जमाकर्ता लाइन लगाकर अपने फार्म जमा करने लगे। फार्म जमा कर रहे लोगों ने बताया कि क्रेडिट सोसायटी बनाकर कंपनियां बाजार में आई अच्छा मुनाफा देने की बात कर हम लोगो की जमा पूंजी जमा करा लिया, जब देने की बारी आई तो कंपनिया ताला लगा भाग गई।
मिशन भुगतान भारत यात्रा के सुलतानपुर जनपद के जिलाध्यक्ष जेएन अग्रहरि ने बताया कि पीड़ित जमाकर्ताओं के भुगतान के शासन स्तर से गुहार लगाई गई थी। जिसके क्रम में सरकार द्वारा पीड़ित जमाकर्ताओं के पैसे वापस दिलाने के लिए फार्म जिला मुख्यालय पर एडीएम के यहां जमा हो रहा था। बढ़ती भीड़ के चलते अब तहसील पर भी काउंटर खोले गए हैं। जहां लोगो से फार्म जमा किया जा रहा है। पीड़ित जमाकर्ताओं ने बताया कि फार्म के साथ जमा की राशि के रसीद की फोटो कॉपी, बैंक खाता की फ़ोटो कापी, आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ चार प्रति में जमा हो रहा है। डूबा पैसा मिलेगा या नहीं आने वाला समय बतायेगा।
एसडीएम जयसिंहपुर संजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर तहसील में पीड़ित जमाकर्ताओं के लिए एक काउंटर खोला गया। राजस्व निरीक्षक फार्म चार प्रति में ले रहे हैं। एक प्रति कि रिसीविंग दी जा रही है। शेष तीन प्रतियां जिला मुख्यालय भेज दी जाएगी।
